Sunday की शाम ये Walk रूटीन अपनाएं, थका दिमाग भी हो जाएगा बिल्कुल ताज़ा
दिन भर घर के कामों और हफ्ते भर की थकान के बाद जब Sunday की शाम ढलती है, तो शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी आराम की सख्त ज़रूरत होती है। ऐसे में शाम की सैर और एक सुकून भरा रूटीन (evening walk mind relax routine) दिमाग के तनाव को दूर करने का सबसे प्राकृतिक और असरदार तरीका है।
असल में, हममें से ज़्यादातर लोग शाम का वक्त या तो टीवी के सामने बिता देते हैं या फोन की स्क्रीन में खो जाते हैं।
शाम की सैर के लिए सबसे अच्छी जगह होती है घर के नज़दीक कोई पार्क या हरियाली वाली सड़क। ढलते सूरज की सुनहरी रोशनी, पेड़ों से आती ठंडी हवा और पक्षियों की चहचहाहट — यह सब मिलकर एक ऐसा माहौल बनाते हैं जो दिमाग के तनाव को पिघला देता है।
सैर के दौरान एक ज़रूरी नियम अपनाएं — मोबाइल फोन को जेब में ही रखें या बेहतर होगा कि घर पर ही छोड़ आएं। लगातार नोटिफिकेशन और स्क्रॉलिंग दिमाग को आराम नहीं करने देती। अगर अकेले सैर करना बोर लगे तो किसी दोस्त, पड़ोसी या परिवार के सदस्य को साथ ले लें — हल्की-फुल्की बातचीत करते हुए की गई सैर दोगुना सुकून देती है।
गहरी सांसों वाला 10 मिनट का अभ्यास — दिमाग के तनाव और चिंता को भगाने का सबसे सरल तरीकाअगर ध्यान या मेडिटेशन में रुचि है तो शाम का वक्त इसके लिए भी उपयुक्त है। किसी शांत कोने में बैठकर 10-15 मिनट आंखें बंद करके बैठें और अपने विचारों को बिना रोक-टोक आने-जाने दें। शुरुआत में मन भटकेगा, लेकिन धीरे-धीरे यह अभ्यास दिमाग को स्थिर करना सिखा देता है।
शाम की सैर और सांसों के अभ्यास के बाद एक कप गुनगुनी हर्बल चाय या अदरक वाली चाय पीना इस रूटीन का सबसे मीठा हिस्सा है। बालकनी या छत पर बैठकर चाय की चुस्कियां लेते हुए डूबते सूरज को देखना — यह अनुभव किसी महंगी थेरेपी से कम नहीं।
रात को सोने से पहले भी इस रूटीन का असर दिखेगा — सैर और रिलैक्सेशन के बाद नींद गहरी और बिना टूटे आती है।