सुबह उठकर 10 मिनट करें यह एक काम, पूरे दिन दिमाग रहेगा तरोताजा और मन रहेगा हल्का
सुबह की शुरुआत ज्यादातर घरों में एक जैसी होती है। अलार्म बजता है, हाथ सबसे पहले फोन की तरफ बढ़ता है, और फिर समाचार, संदेश और काम की सूचियों का शोर दिमाग में घुस जाता है। शरीर बिस्तर पर ही होता है, लेकिन दिमाग पहले घंटे में ही थकान महसूस करने लगता है। ऐसे में सवाल उठता है कि दिन की शुरुआत ऐसी क्यों न हो, जिससे मन हल्का और ध्यान साफ रहे। जवाब किसी महंगे उपाय में नहीं, सुबह के सिर्फ 10 मिनट में छिपा है।
यह काम है घर से बाहर या छत-बालकनी की खुली हवा में फोन के बिना हल्की सैर, साथ में धीरे-धीरे गहरी सांसें लेना। उठते ही एक गिलास पानी पिएं, चप्पल या जूते पहनें और बस चल पड़ें। न तेज दौड़ की जरूरत है, न भारी व्यायाम की। सामान्य गति से चलते हुए नाक से गहरी सांस लें और मुंह से धीरे छोड़ें। सुबह की ताजी हवा, हल्की धूप और शरीर की हलचल दिमाग को यह संकेत देती है कि दिन शुरू हो चुका है।
पहले दिन से पूरे 10 मिनट का लक्ष्य न रखें। शुरुआत 5 मिनट से करें और हर हफ्ते थोड़ा समय बढ़ाएं। अलार्म को सामान्य समय से सिर्फ 10 मिनट पहले लगाना काफी है, पूरी नींद काटने की जरूरत नहीं है। रात को ही जूते और कपड़े निकालकर रखने से सुबह का आलस कम होता है। किसी साथी, पड़ोसी या परिवार के सदस्य के साथ चलने से आदत टूटने की गुंजाइश घट जाती है।
ईमानदारी की बात यह है कि इस आदत का कोई जादुई या तुरंत असर नहीं होता। यह दावा नहीं किया जा सकता कि 10 मिनट की सैर से दिमाग हमेशा चरम सक्रिय रहेगा या तनाव बिल्कुल गायब हो जाएगा।