अलग-अलग बेड पर सो रहे हैं कपल्स! जानिए 'Sleep Divorce' का ये नया ट्रेंड — क्या आपका रिश्ता भी बच सकता है?

Newspoint

शादी के बाद एक ही बिस्तर पर सोना — ये तो हर कपल की कहानी का पहला चैप्टर होता है। लेकिन अब एक नया ट्रेंड पूरी दुनिया में धूम मचा रहा है, जिसका नाम सुनकर आप चौंक जाएंगे — Sleep Divorce। जी हां, अब हजारों कपल्स जानबूझकर अलग-अलग कमरों या अलग-अलग बेड पर सो रहे हैं, और दावा कर रहे हैं कि इससे उनकी शादी और भी मजबूत हो गई है!

आखिर ये Sleep Divorce है क्या?

नाम से डरने की जरूरत नहीं है — इसका तलाक से कोई लेना-देना नहीं।

Hero Image
Sleep Divorce का मतलब है कि पति-पत्नी रात को अलग-अलग सोते हैं, ताकि दोनों को भरपूर और अच्छी नींद मिल सके। सोचिए, एक को खर्राटे की आदत है, दूसरे को हल्की आवाज पर भी नींद खुल जाती है — ऐसे में रोज की लड़ाई से अच्छा है अलग सोना!

क्यों बढ़ रहा है ये ट्रेंड?

रिसर्च कहती है कि खराब नींद से चिड़चिड़ापन, झगड़े और यहां तक कि सेहत की बड़ी बीमारियां बढ़ती हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब दिनभर ऑफिस का तनाव झेलना पड़ता है, तो रात की 7-8 घंटे की गहरी नींद किसी खजाने से कम नहीं। कई कपल्स का कहना है कि अलग सोने के बाद सुबह वे तरोताजा उठते हैं और एक-दूसरे से प्यार से बात करते हैं — बजाय इसके कि आधी रात के खर्राटों पर झगड़ा हो।

क्या रिश्ते पर पड़ता है असर?

यहीं पर सबसे बड़ा सवाल उठता है। कुछ लोग मानते हैं कि अलग सोने से कपल्स के बीच की नजदीकी कम हो जाती है। लेकिन रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स की राय अलग है — उनका कहना है कि अच्छी नींद से मूड अच्छा रहता है, और अच्छा मूड रिश्ते को मजबूत बनाता है। असली नजदीकी बिस्तर से नहीं, दिनभर के प्यार, सम्मान और बातचीत से बनती है।

क्या आपको भी आजमाना चाहिए?

अगर आप और आपके पार्टनर की नींद की आदतें बिल्कुल अलग हैं — एक को AC चाहिए, दूसरे को पंखा; एक जल्दी सोता है, दूसरा देर रात तक फोन चलाता है — तो एक-दो रात अलग सोकर देखिए।

हो सकता है यही आपके रिश्ते का सीक्रेट फॉर्मूला बन जाए!