फ्लाइट टिकट पर नाम की स्पेलिंग गलत हो गई? जानें टिकट बदल सकता है या नहीं, एयरलाइन के नियम समझें
फ्लाइट टिकट बुक करते समय नाम की स्पेलिंग में एक छोटी सी गलती भी बड़ी परेशानी बन सकती है। एयरपोर्ट पर चेक-इन के समय टिकट पर लिखा नाम और पहचान पत्र पर लिखा नाम मिलाया जाता है। अगर दोनों में अंतर है, तो यात्री को बोर्डिंग से रोका जा सकता है। इसलिए टिकट बुक करने के तुरंत बाद नाम की स्पेलिंग जांच लेना सबसे जरूरी काम है। गलती पकड़ में आते ही उसे सुधारने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि जितनी देर होगी, सुधार उतना ही मुश्किल या महंगा हो सकता है।
नाम की स्पेलिंग की गलती कई तरह की हो सकती है। कभी एक अक्षर गलत टाइप हो जाता है, कभी पहला और आखिरी नाम उल्टा हो जाता है, और कभी शादी के बाद बदला हुआ नाम पुराने पहचान पत्र से मेल नहीं खाता। हर तरह की गलती का समाधान एक जैसा नहीं होता। छोटी टाइपिंग गलती को एयरलाइन अक्सर आसानी से सुधार देती है, लेकिन पूरी तरह गलत नाम या किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर बना टिकट आमतौर पर बदलना मुश्किल होता है। इसलिए गलती की प्रकृति समझना पहला कदम है।
छोटी गलती और बड़े बदलाव में अंतरअधिकतर एयरलाइनों के नियमों के अनुसार एक या दो अक्षर की छोटी गलती को नाम सुधार की श्रेणी में रखा जाता है।
वहीं, अगर टिकट पर पूरा नाम ही गलत है या टिकट किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर करना है, तो आमतौर पर इसकी अनुमति नहीं मिलती।
गलती पकड़ में आते ही सबसे पहले उस एयरलाइन या बुकिंग प्लेटफॉर्म से संपर्क करना चाहिए, जहां से टिकट बुक हुआ है। अगर टिकट किसी ट्रैवल एजेंट या वेबसाइट से बुक हुआ है, तो सुधार उसी माध्यम से कराना पड़ सकता है।
उड़ान के दिन एयरपोर्ट पर गलती बताने से बचना चाहिए, क्योंकि उस समय सुधार का विकल्प सीमित हो सकता है। बेहतर है कि यात्रा से कुछ दिन पहले ही सुधार करा लिया जाए। कुछ एयरलाइनें यात्रा से 24 या 48 घंटे पहले तक नाम सुधार की अनुमति देती हैं, जबकि कुछ में यह समय सीमा अलग हो सकती है।
टिकट बुक करते समय नाम वैसे ही भरें, जैसा पहचान पत्र पर लिखा है। पहला नाम, बीच का नाम और आखिरी नाम अलग-अलग खानों में सही जगह भरें। पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे हैं, तो पासपोर्ट पर लिखी स्पेलिंग ही इस्तेमाल करें। बुकिंग के बाद मिलने वाले कन्फर्मेशन ईमेल या मैसेज को तुरंत पढ़ें और नाम, तारीख, समय और रूट की जांच करें।