नवरात्रि में घर को चाहिए मंदिर जैसा लुक? तोरण-बंदनवार और रंगोली के 7 सस्ते आइडिया बदल देंगे माहौल

Newspoint

नवरात्रि के नौ दिन घर में देवी की कृपा का वास होता है, और ऐसे में हर किसी का मन करता है कि घर भी सुंदर लगे. सच ये है कि navratri ghar sajawat toran जैसी छोटी-छोटी चीज़ों से ही घर को असली त्योहारी रंग मिलता है. मुख्य द्वार पर लगा तोरण और आंगन में खिली रंगोली देखते ही मेहमान घर की ऊर्जा समझ जाते हैं. अच्छी खबर ये है कि इसके लिए हज़ारों रुपये खर्च करने की ज़रूरत नहीं — घर की चीज़ों से भी घर मंदिर जैसा लग सकता है.

Hero Image

कई लोग सोचते हैं कि सजावट सिर्फ दीपावली पर होती है, लेकिन नवरात्रि के नौ दिन भी उतने ही खास हैं. इन दिनों पूजा-पाठ, कन्या पूजन और रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहता है. सजा-धजा घर मेहमानों पर अच्छा असर डालता है और घरवालों का मन भी प्रसन्न रखता है. कहते हैं कि स्वच्छ और सजे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, और नवरात्रि में इसका महत्व और बढ़ जाता है.

मुख्य द्वार पर सजाएं गेंदे के फूलों का तोरण और बंदनवार

सजावट की शुरुआत हमेशा मुख्य द्वार से करें, क्योंकि मेहमान की पहली नज़र वहीं पड़ती है.

महंगे प्लास्टिक के तोरण के बजाय ताज़े गेंदे के फूल और आम के पत्तों से घर पर ही तोरण बनाएं — ये सस्ता भी है और दिखने में कहीं ज़्यादा सुंदर लगता है. एक मीटर के तोरण में लगभग चालीस-पचास फूल लगते हैं, जो फूल मंडी या स्थानीय बाज़ार से काफी सस्ते मिल जाते हैं.

तोरण बनाना बहुत आसान है — मोटे धागे पर फूलों को सुई से पिरो लें और बीच-बीच में आम के पत्ते लगाते जाएं. समय न हो तो कच्चे फूलों की लड़ी बाज़ार से सस्ते में ले आएं. दरवाज़े के दोनों तरफ केले या अशोक के पत्तों का बंदनवार लगाएं — ये घर को परंपरागत और शुभ लुक देता है.

फूल हर दो-तीन दिन में बदल दें ताकि तोरण हमेशा ताज़ा और खुशबूदार लगे.

रंगोली और दीयों से घर के आंगन में बिखेरें रोशनी

तोरण के बाद बारी आती है आंगन या बालकनी की, जहां रंगोली घर की शोभा बढ़ाती है. माहिर न हों तो स्टेंसिल या छन्नी जैसे सांचे इस्तेमाल करें — इनसे कुछ ही मिनटों में सुंदर रंगोली बन जाती है. फूलों की रंगोली भी अच्छा विकल्प है: गेंदे की पंखुड़ियों, गुलाब और हरी पत्तियों से बनी रंगोली सुंदर भी दिखती है और पूरे घर में महक भी फैलाती है.

रंगोली के साथ दीयों का सही इस्तेमाल घर को असली त्योहारी माहौल देता है.

मिट्टी के दीयों को जलाने से पहले पानी में भिगो लें — तेल कम लगेगा और दिया लंबे समय तक जलेगा. दीयों को मुख्य द्वार, बालकनी की रेलिंग और पूजा स्थान के आसपास सजाएं. पानी भरे बर्तन में फूल और तैरते दीये रखकर एक सुंदर सेंटरपीस भी बन सकता है, जो दिखने में महंगा लगता है पर खर्च मामूली आता है.

पूजा के कोने और लिविंग रूम को दें खास त्योहारी टच

नवरात्रि में पूजा का कोना सबसे पवित्र स्थान होता है, इसलिए इसे खास सजाएं. देवी की चौकी के पीछे लाल या पीले रंग का कपड़ा लगाएं — पुरानी साड़ी या दुपट्टा भी काम आ सकता है.

चौकी के चारों तरफ फूलों की माला और छोटे दीये रखें. लिविंग रूम में सोफे के कुशन कवर बदलकर लाल, नारंगी या गुलाबी कर दें; ये छोटा-सा बदलाव पूरे कमरे का मूड बदल देता है.

अगर बजट इजाज़त दे तो फेयरी लाइट्स बालकनी और खिड़कियों पर लगाएं — रात में इनकी रोशनी में घर किसी फिल्मी सेट जैसा लगता है. साथ ही घर की सफाई पर भी ध्यान दें, क्योंकि सजावट तभी निखरती है जब घर साफ हो. नवरात्रि से एक-दो दिन पहले डीप क्लीनिंग कर लें और बेकार सामान हटा दें. मान्यता है कि साफ-सुथरे घर में देवी का वास होता है, और नवरात्रि में ये बात और भी ज़्यादा मायने रखती है.

कुल मिलाकर नवरात्रि की सजावट का मतलब महंगे सामान खरीदना नहीं, बल्कि घर की चीज़ों को रचनात्मक तरीके से इस्तेमाल करना है. तोरण-बंदनवार, रंगोली, दीये और फूल — यही चार चीज़ें घर को त्योहारी लुक देने के लिए काफी हैं. नौ दिनों तक रोज़ थोड़ा बदलाव करते रहें, ताकि घर हर दिन नया लगे. यकीन मानिए, मेहमान ज़रूर पूछेंगे कि सजावट किसने कराई.