त्योहार से पहले घर के पर्दे-बेडशीट बदलने की सोच रहे हैं? इतने कम खर्च में घर लगेगा बिल्कुल नया-नया

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नवरात्रि की धूम अभी थमी नहीं थी कि बाज़ारों में दिवाली की रौनक दिखने लगी है। मिठाई की दुकानों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक शोरूम तक हर तरफ़ त्योहारी चमक है। और इसी चमक के बीच हर घर में एक पुरानी हलचल शुरू हो गई है — tyohar soft furnishing ghar यानी पर्दों, बेडशीट, कुशन कवर और सोफ़ा कवर को नए रंगों में बदलकर घर को ताज़ा करने की तैयारी।

दरअसल घर का पूरा मेकओवर कराने में लाखों रुपये लग जाते हैं, पर सॉफ्ट फर्निशिंग बदलना सबसे सस्ता और सबसे असरदार उपाय माना जाता है।

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पेंट कराने की ज़हमत नहीं, फर्नीचर बदलने का झंझट नहीं — सिर्फ़ कपड़ों की परतें बदलिए और घर की सूरत ही बदल जाएगी। यही वजह है कि त्योहारों से ठीक पहले पर्दों और बेडशीट की दुकानों पर सबसे ज़्यादा भीड़ उमड़ती है।

इंटीरियर से जुड़े जानकार भी मानते हैं कि घर में घुसते ही आंखों को सबसे पहले कपड़ों के रंग और बनावट नज़र आते हैं। दीवारें चाहे जैसी हों, अगर पर्दे चमकीले और बेडशीट नई हो तो मेहमानों को घर साफ़-सुथरा और सजा-धजा ही लगेगा।

रंगों का चुनाव ही सबसे बड़ा राज़ है

त्योहारी सीजन में रंगों का चुनाव आधी लड़ाई जीत लेता है।

मेहरून, सरसों यानी मस्टर्ड, बोतल ग्रीन, रॉयल ब्लू और सुनहरे टच वाले कपड़े इस समय सबसे ज़्यादा चलन में हैं। हल्के पेस्टल शेड रोज़मर्रा के लिए अच्छे हैं, पर त्योहारों में गहरे और रिच रंग ही घर को भव्य लुक देते हैं।

एक छोटी-सी तरकीब याद रखिए — पर्दों का रंग दीवार से बिल्कुल मिलता-जुलता न चुनें, थोड़ा कंट्रास्ट ज़रूर रखें। बेडशीट के साथ कुशन कवर मैच करें, पर दोनों में एक जैसा प्रिंट न लें; एक सादा और एक प्रिंटेड का मेल ज़्यादा क्लासी लगता है। सोफ़ा कवर के लिए गहरा शेड चुनेंगे तो दाग़-धब्बों की चिंता भी कम रहेगी।

बाज़ार जाएं या ऑनलाइन मंगाएं? दोनों के फायदे जान लीजिए

स्थानीय बाज़ार में कपड़ा हाथ में छूकर देखने का फायदा मिलता है — असली रंग सामने दिखता है और मोलभाव भी हो जाता है। त्योहारी सीजन में होलसेल मार्केटों में पर्दों और बेडशीट पर अच्छी छूट मिलती है। वहीं ऑनलाइन खरीदारी में वैरायटी ज़्यादा मिलती है और रिव्यू पढ़कर क्वालिटी का अंदाज़ा लग जाता है।

अगर ऑनलाइन मंगा रहे हैं तो साइज़ का ध्यान ज़रूर रखें — पर्दों की लंबाई-चौड़ाई नापकर ही ऑर्डर करें। जिन प्रोडक्ट के रिव्यू में रंग उतरने या कपड़ा सिकुड़ने जैसी शिकायतें दिखें, उन्हें छोड़ दें।

और हां, त्योहार से कम से कम दस दिन पहले ऑर्डर कर दें ताकि डिलीवरी में देरी का झंझट न रहे।

पुरानी चीज़ों को नया बनाने के स्मार्ट जुगाड़

बजट अगर टाइट है तो पुरानी चीज़ों को ही नया रूप दे दीजिए। हल्के पड़े पर्दों को फैब्रिक डाई से नया रंग दिया जा सकता है। पुरानी साड़ियों या दुपट्टों से कुशन कवर सिलवाना आजकल ट्रेंड में है — दर्जी की सिलाई का खर्च भी मामूली आता है।

एक और आसान तरीका — सिर्फ़ कुशन कवर बदल दीजिए। बेडशीट वही पुरानी रहे, पर नए कुशन कवर और एक नया बेड रनर बिछा दीजिए; बेडरूम का लुक पूरी तरह बदल जाएगा।

सोफ़े पर पुराना कवर हो तो उसके ऊपर नया थ्रो डालकर भी ताज़गी लाई जा सकती है।

तो इस बार त्योहारों से पहले पेंट-पॉलिश के भारी खर्च में मत पड़िए। पर्दों, बेडशीट और कुशन कवर की नई जोड़ी घर को वो चमक दे देगी, जिसकी तारीफ़ हर मेहमान करेगा — और जेब पर भी ज़्यादा बोझ नहीं पड़ेगा।