बिजली जाते ही इन्वर्टर की बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है? ये गलतियां चुपचाप घटा रही हैं उसकी लाइफ

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बिजली जाते ही इन्वर्टर घर की सबसे बड़ी राहत बन जाता है। पंखा चलता रहता है, बल्ब जलते रहते हैं और जरूरी काम रुकते नहीं। लेकिन कई घरों में शिकायत रहती है कि इन्वर्टर की बैटरी पहले जितनी देर नहीं चलती। कभी बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है, तो कभी बार-बार चार्ज होने के बाद भी बैकअप कम मिलने लगता है। अक्सर इसके पीछे कोई एक बड़ी खराबी नहीं, बल्कि रोजाना की छोटी-छोटी गलतियां होती हैं, जो धीरे-धीरे बैटरी की उम्र घटा देती हैं।

बैटरी का बैकअप कितनी देर मिलेगा, यह कई बातों पर निर्भर करता है। बैटरी की क्षमता, उस पर चल रहे उपकरणों की संख्या और बैटरी की हालत, तीनों मिलकर बैकअप तय करते हैं। इसलिए एक ही इन्वर्टर अलग-अलग घरों में अलग-अलग देर तक चल सकता है। किसी एक तय समय को हर मॉडल पर लागू करना सही नहीं होगा। लेकिन बैटरी की देखभाल के कुछ सामान्य नियम जरूर हैं, जिनका पालन करने से उसकी लाइफ लंबी रहती है।

ओवरलोडिंग सबसे बड़ी गलती है

इन्वर्टर पर जरूरत से ज्यादा उपकरण चलाना बैटरी के लिए सबसे नुकसानदायक आदत है।

बिजली जाते ही अगर एक साथ कई पंखे, लाइटें, टीवी और दूसरे भारी उपकरण चला दिए जाएं, तो बैटरी पर अचानक बहुत ज्यादा भार पड़ता है। इससे बैटरी जल्दी खाली होती है और बार-बार पूरी तरह खाली होने से उसकी क्षमता भी धीरे-धीरे कम होने लगती है।

बिजली जाने पर सिर्फ जरूरी उपकरण ही चलाने चाहिए। कमरे में एक पंखा और जरूरी लाइटें चलाना बैटरी के लिए हल्का भार होता है। भारी उपकरण जैसे हीटर, प्रेस या वॉशिंग मशीन को इन्वर्टर पर चलाने से बचना चाहिए, जब तक कि इन्वर्टर खास तौर पर उसके लिए बना न हो। उपकरणों की संख्या कम रखने से बैकअप भी लंबा मिलता है और बैटरी पर दबाव भी कम पड़ता है।

पानी, गर्मी और रखरखाव की अनदेखी

जिन इन्वर्टर बैटरियों में पानी डालने की व्यवस्था होती है, उनमें समय-समय पर पानी का स्तर जांचना बहुत जरूरी है। पानी कम होने पर बैटरी की प्लेटें सूखने लगती हैं और उसकी क्षमता घट जाती है। पानी डालते समय सिर्फ साफ डिस्टिल्ड पानी इस्तेमाल करना चाहिए। साधारण नल का पानी या एसिड डालना बैटरी को नुकसान पहुंचा सकता है। पानी का स्तर न ज्यादा होना चाहिए, न बहुत कम।

बैटरी को गर्म और बंद जगह पर रखना भी उसकी लाइफ घटाता है। चार्ज होने के दौरान बैटरी थोड़ी गर्म होती है, इसलिए उसे हवादार जगह पर रखना चाहिए।

दीवार से सटी हुई या बंद अलमारी में रखी बैटरी ज्यादा गर्म होती है। साथ ही, बैटरी के टर्मिनलों पर जमी सफेद या हरी परत को भी समय-समय पर साफ करना चाहिए। गंदे टर्मिनल से कनेक्शन कमजोर होता है और चार्जिंग भी ठीक से नहीं हो पाती। ढीले कनेक्शन भी बैटरी की सेहत के लिए अच्छे नहीं होते।

बार-बार पूरी तरह खाली करना भी नुकसानदायक है

बैटरी को बार-बार पूरी तरह खाली करके फिर चार्ज करना उसकी उम्र कम करता है। बिजली आने पर बैटरी को पूरा चार्ज होने देना चाहिए। बार-बार आधा चार्ज करके इस्तेमाल करना भी अच्छा अभ्यास नहीं माना जाता।

लंबे समय तक घर से बाहर रहने पर भी बैटरी को पूरी तरह बिना चार्ज के छोड़ देना ठीक नहीं है। ऐसे में कभी-कभी चार्ज की जांच करते रहना चाहिए।

इन्वर्टर और बैटरी की क्षमता का मेल भी जरूरी है। छोटी बैटरी पर बड़ा इन्वर्टर या बड़ी बैटरी पर छोटा चार्जर, दोनों ही ठीक नहीं माने जाते। नया इन्वर्टर लेते समय घर की जरूरत के हिसाब से क्षमता चुननी चाहिए। अगर बैटरी पुरानी हो गई है और बैकअप लगातार कम हो रहा है, तो किसी जानकार तकनीशियन से जांच कराना बेहतर रहता है। इन छोटी-छोटी सावधानियों से इन्वर्टर की बैटरी लंबे समय तक अच्छा बैकअप दे सकती है और अचानक बिजली जाने पर भी घर का काम नहीं रुकता।