संडे मॉर्निंग वॉक: खाली पेट बेहतर या नाश्ते के बाद? अपनी दिनचर्या के हिसाब से चुनें सही तरीका

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रविवार की सुबह पार्क में टहलते लोगों को देखकर अक्सर यह सवाल मन में आता है कि वॉक का सही समय क्या है, खाली पेट या नाश्ते के बाद। कुछ लोग उठते ही जूते पहनकर निकल जाते हैं, तो कुछ बिना कुछ खाए कदम नहीं रखते। सच यह है कि इस सवाल का एक ही जवाब सबके लिए सही नहीं होता। दोनों ही तरीकों के अपने फायदे हैं और अपनी सावधानियां भी, इसलिए चुनाव आपकी दिनचर्या, भूख, वॉक की लंबाई और सेहत के हिसाब से होना चाहिए।

खाली पेट वॉक: किसके लिए ठीक हो सकता है

हल्की या मध्यम रफ्तार की छोटी वॉक, करीब 20 से 30 मिनट की सैर, कई लोगों के लिए खाली पेट आराम से हो जाती है। सुबह उठकर कुछ लोगों को भारीपन महसूस नहीं होता और वे बिना खाए ताजगी के साथ टहल लेते हैं, फिर घर आकर आराम से नाश्ता करते हैं। जिनकी दिनचर्या में सुबह का समय कम होता है, उनके लिए भी उठते ही निकल जाना आसान पड़ता है। लेकिन हर किसी पर यह तरीका नहीं चलता। अगर खाली पेट चलने से चक्कर, कमजोरी, जी मिचलाना या तेज भूख से बेचैनी होती है, तो यह साफ संकेत है कि आपके लिए बिना खाए वॉक ठीक नहीं है।

ऐसे में एक केला, मुट्ठीभर भीगे बादाम या एक गिलास दूध जैसी हल्की चीज लेकर निकलना बेहतर रहता है। खास बात यह है कि मधुमेह के मरीज या रोज सुबह दवा लेने वाले लोग खाली पेट वॉक शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें, क्योंकि खाली पेट और दवा का मेल हर किसी के लिए एक जैसा नहीं होता।

नाश्ते के बाद वॉक के अपने फायदे

नाश्ते के बाद की वॉक उन लोगों के लिए सहज रहती है जो लंबी दूरी या तेज रफ्तार से चलना चाहते हैं, क्योंकि शरीर को ऊर्जा मिल चुकी होती है और थकान देर से आती है। भोजन के कुछ देर बाद की हल्की सैर पाचन की दृष्टि से भी अच्छी मानी जाती है, बस ध्यान रहे कि भरपेट खाने के तुरंत बाद तेज वॉक न करें, थोड़ा ठहरकर हल्की चाल से शुरू करें।

जिन बच्चों या बुजुर्गों को खाली पेट कमजोरी महसूस होती है, उनके लिए नाश्ते के बाद का समय ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक रहता है। अगर सुबह देर से उठते हैं और सूरज चढ़ जाता है, तो भी नाश्ता करके निकलना व्यावहारिक रहता है।

अपनी दिनचर्या के हिसाब से ऐसे चुनें तरीका

चुनाव का सबसे आसान तरीका अपने शरीर के संकेत सुनना है। एक हफ्ता खाली पेट हल्की वॉक करके देखें और एक हफ्ता नाश्ते के बाद, जिस तरीके में आप ज्यादा सहज, ऊर्जावान और नियमित रह पाएं, वही आपके लिए सही है। छोटी और हल्की वॉक है तो खाली पेट चल सकती है, लंबी या तेज वॉक की योजना है तो हल्का नाश्ता करके निकलें।

समय चाहे जो भी चुनें, जूते आरामदायक रखें, शुरुआत धीमी चाल से करें और पानी साथ रखें। अंत में असली बात यह है कि वॉक के फायदे इस बात से ज्यादा मिलते हैं कि आप कितने नियमित हैं, न कि इस बात से कि आपने खाना कब खाया। जो समय आपकी जिंदगी में टिक सके, वही सबसे अच्छा समय है।