सब्जी में नमक या मिर्च ज्यादा हो जाए तो घबराएं नहीं, 1 मिनट में स्वाद बैलेंस करेंगे ये 3 आसान हैक्स
रसोई में खाना बनाते समय हाथ जरा सा फिसला और सब्जी में नमक या मिर्च ज्यादा पड़ गई। मेहमान आने वाले हों या परिवार भूखा बैठा हो, ऐसे समय घबराहट स्वाभाविक है। पूरी सब्जी फेंकना भी मन नहीं करता और उतनी तीखी या खारी सब्जी परोसना भी ठीक नहीं लगता। अच्छी बात यह है कि रसोई की ही कुछ साधारण चीजों से स्वाद को काफी हद तक संभाला जा सकता है। तीन आसान तरीके ज्यादातर घरों में काम आते हैं, बस यह समझना जरूरी है कि ये तरीके स्वाद को संतुलित करते हैं, उसे सौ प्रतिशत पहले जैसा बनाने का पक्का दावा कोई ईमानदार तरीका नहीं कर सकता।
पहला पुराना तरीका है आटे की छोटी गोली। गूंथे हुए आटे की छोटी सी गोली बनाकर उबलती सब्जी में डाल दें और कुछ मिनट पकने दें। माना जाता है कि गोली पकते समय अतिरिक्त नमक का कुछ हिस्सा अपने अंदर सोख लेती है। समय पूरा होने पर गोली निकालकर फेंक दें। यह तरीका रसेदार सब्जी में सबसे ठीक काम करता है, सूखी सब्जी में इसका असर सीमित ही रहता है, इसलिए उम्मीद संतुलित रखें। दूसरा तरीका है कच्चे आलू के दो-तीन मोटे टुकड़े डालना। आलू भी पकते समय नमक और तीखापन कुछ हद तक सोखता है, और बाद में टुकड़े निकाल लिए जाते हैं।
तीसरा तरीका है अनुपात का संतुलन। रसेदार सब्जी है, तो थोड़ा गरम पानी मिलाकर कुल मात्रा बढ़ा देने से नमक का खारापन प्रति चम्मच कम हो जाता है। तीखापन ज्यादा हो, तो एक छोटी चुटकी चीनी या थोड़ा टमाटर अथवा एक-दो चम्मच दही का संतुलन काम करता है, क्योंकि खटास और हल्की मिठास मिर्च की चुभन को दबा देती है। दही डालते समय आंच धीमी रखें और लगातार चलाएं, वरना दही फट सकता है।
एक व्यावहारिक उपाय यह भी है कि बनी हुई सब्जी का एक हिस्सा अलग निकालकर बिना नमक-मिर्च की साधारण तरी में या उबली सब्जियों के साथ मिलाकर दोबारा तैयार कर लिया जाए, इससे कुल स्वाद अपने आप संतुलन में आ जाता है और खाना बेकार भी नहीं जाता। बच्चों या बुजुर्गों के लिए परोसना हो, तो सबसे हल्का हिस्सा अलग से निकाल लेना ठीक रहता है, क्योंकि उनकी स्वाद सहने की क्षमता बड़ों से कम होती है।
एक बात हमेशा याद रखें, ये सारे तरीके बचाव के हैं, आदत के विकल्प नहीं। सबसे सही तरीका यही है कि नमक और मिर्च हमेशा पहले कम डालें और चखकर धीरे-धीरे बढ़ाएं, क्योंकि कम चीज बाद में मिलाई जा सकती है, ज्यादा पड़ी चीज हर बार पूरी तरह निकाली नहीं जा सकती। सेहत के नजरिए से भी जरूरत से ज्यादा नमक वाला खाना रोज खाना ठीक नहीं माना जाता, खासकर जिनके घर में रक्तचाप की समस्या है। इसलिए अगली बार मसाला डालते समय एक चुटकी की बचत, इन तीनों तरकीबों से ज्यादा काम की साबित होगी।