कपड़ों पर लगे केयर लेबल के निशान समझे बिना धोया तो हो सकता है नुकसान? जानें हर निशान का मतलब
नया कपड़ा खरीदते समय हम अक्सर उसके रंग, डिजाइन और फिटिंग पर ध्यान देते हैं, लेकिन उसके अंदर लगे छोटे से केयर लेबल को नजरअंदाज कर देते हैं। यही छोटा सा लेबल बताता है कि कपड़े को कैसे धोना है, कैसे सुखाना है और कैसे प्रेस करना है। अगर इस लेबल को पढ़े बिना कपड़ा धो दिया जाए, तो महंगा कपड़ा एक ही धुलाई में सिकुड़ सकता है, उसका रंग फीका पड़ सकता है या उसका कपड़ा खराब हो सकता है। इसलिए हर कपड़े के केयर लेबल को समझना उतना ही जरूरी है, जितना कपड़े की कीमत जानना।
केयर लेबल पर बने निशान दरअसल एक अंतरराष्ट्रीय संकेत प्रणाली का हिस्सा होते हैं। ये निशान धोने, ब्लीच करने, सुखाने, प्रेस करने और ड्राई क्लीन करने के निर्देश देते हैं। हर निशान का अपना मतलब होता है और निशान के ऊपर बना क्रॉस या उसके नीचे बनी लाइन भी निर्देश बदल देती है। उदाहरण के लिए, बाल्टी के निशान का मतलब है कपड़ा पानी में धोया जा सकता है, और बाल्टी के अंदर लिखा नंबर पानी का तापमान बताता है। अगर बाल्टी पर क्रॉस बना हो, तो इसका मतलब है कपड़े को पानी में नहीं धोना चाहिए।
धोने और ब्लीच से जुड़े निशानों का मतलबसुखाने से जुड़ा निशान चौकोर डिब्बे के रूप में होता है। डिब्बे के अंदर गोला बना हो, तो इसका मतलब है कपड़ा ड्रायर में सुखाया जा सकता है। गोले के अंदर एक बिंदु कम गर्मी और दो बिंदु ज्यादा गर्मी बताते हैं। डिब्बे पर क्रॉस बना हो, तो ड्रायर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। डिब्बे के अंदर लाइन बनी हो, तो कपड़े को लटकाकर सुखाना चाहिए और डिब्बे के अंदर तीन खड़ी लाइनें हों, तो कपड़े को टपकते हुए सुखाना चाहिए। प्रेस यानी इस्त्री से जुड़ा निशान इस्त्री के आकार का होता है।
गोले का निशान ड्राई क्लीन से जुड़ा होता है। खाली गोला का मतलब है ड्राई क्लीन कराया जा सकता है, गोले पर क्रॉस का मतलब है ड्राई क्लीन नहीं कराना चाहिए, और गोले के अंदर अक्षर बताते हैं कि कौन सा केमिकल इस्तेमाल किया जा सकता है। यह जानकारी आम आदमी के लिए कम काम की होती है, लेकिन ड्राई क्लीनर के लिए जरूरी होती है।
गलत धुलाई से बचने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं। नया कपड़ा पहली बार धोने से पहले उसका लेबल जरूर पढ़ें। रंगीन कपड़ों को सफेद कपड़ों से अलग धोएं। नाजुक कपड़ों को मशीन में डालने से पहले उन्हें उल्टा कर लें और जरूरत हो तो जाली वाले थैले में डालें। लेबल पर लिखे तापमान से ज्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल न करें। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर कपड़ों की उम्र बढ़ाई जा सकती है और बार-बार नए कपड़े खरीदने का खर्च भी बचाया जा सकता है।