Newspoint Logo
IPL 2026

Cashew Capital Of The World: जानिए कोल्लम के काजू उद्योग का गौरवशाली इतिहास

Newspoint
दशकों से भारत का एक तटीय शहर वैश्विक काजू उद्योग को आकार देने में एक शांत लेकिन बेहद शक्तिशाली भूमिका निभा रहा है। कच्चे काजू के प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) से लेकर तैयार उत्पादों को दुनिया भर में निर्यात करने तक, इस शहर का योगदान स्थानीय व्यापार से कहीं बढ़कर है। अपनी कुशल कार्यशक्ति और लंबी औद्योगिक विरासत के लिए प्रसिद्ध यह शहर आखिर क्यों वैश्विक स्तर पर इतना बड़ा खिताब रखता है, यह जानने की उत्सुकता हर किसी में होती है। आइए जानते हैं कि किस शहर को 'कैश्यू कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड' यानी दुनिया की काजू राजधानी कहा जाता है।
Hero Image


कोल्लम को क्यों कहा जाता है दुनिया की काजू राजधानी?

केरल में स्थित कोल्लम को 'कैश्यू कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह कई दशकों से काजू प्रसंस्करण और निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। इस शहर में सैकड़ों काजू प्रोसेसिंग इकाइयाँ हैं और ऐतिहासिक रूप से दुनिया के प्रसंस्कृत काजू के एक बड़े हिस्से का प्रबंधन यहीं से किया जाता रहा है।

कोल्लम कहाँ स्थित है?

कोल्लम भारत के दक्षिण-पश्चिम तट पर केरल राज्य में अरब सागर के किनारे स्थित है। इसकी तटीय स्थिति ने इसे एक महत्वपूर्ण व्यापारिक बंदरगाह बना दिया, जिससे कच्चे काजू का आयात और तैयार काजू का निर्यात करना बेहद आसान हो गया।

You may also like



ये भी पढ़ें: दुनिया का सबसे बड़ा काजू उत्पादक देश कौन सा है? जानें टॉप देशों की लिस्ट

इस खिताब का ऐतिहासिक सफर

20th सदी के दौरान कोल्लम ने दुनिया के सबसे बड़े काजू प्रसंस्करण केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाई। संगठित कारखानों की स्थापना, कुशल श्रम और मजबूत निर्यात नेटवर्क ने इस शहर को दशकों तक वैश्विक काजू व्यापार पर राज करने में मदद की।


कोल्लम की अर्थव्यवस्था में काजू उद्योग का महत्व

काजू उद्योग कोल्लम की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह हजारों श्रमिकों, विशेष रूप से महिलाओं को रोजगार प्रदान करता है और भारत के कृषि निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देता है। भारत को दुनिया के अग्रणी काजू निर्यातकों में से एक बनाने में इस शहर ने निर्णायक भूमिका निभाई है।

भारत में काजू का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य

कुल उत्पादन के मामले में महाराष्ट्र भारत में काजू का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों में आंध्र प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं। ये राज्य कच्चे काजू की आपूर्ति करते हैं, जिन्हें कोल्लम जैसे प्रमुख केंद्रों के माध्यम से प्रोसेस और ट्रेड किया जाता है।

वैश्विक व्यापार में कोल्लम की भूमिका

कोल्लम पारंपरिक रूप से भारत और अफ्रीकी देशों से प्राप्त काजू को प्रोसेस करता है। यहाँ से तैयार काजू यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका और मध्य पूर्व के बाजारों में निर्यात किया जाता है, जिससे कोल्लम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान मिली है।

कोल्लम और काजू उद्योग से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  • सबसे बड़ा प्रोसेसिंग हब: एक समय ऐसा था जब दुनिया के आधे से अधिक काजू का प्रसंस्करण अकेले कोल्लम में होता था।
  • महिला श्रम शक्ति का दबदबा: कोल्लम के काजू उद्योग में श्रमिकों का एक बहुत बड़ा हिस्सा महिलाओं का है, जो उनके आर्थिक सशक्तिकरण का बड़ा जरिया है।
  • ऐतिहासिक निर्यात केंद्र: कोल्लम के माध्यम से होने वाले निर्यात ने ही भारत को दुनिया भर में काजू के एक भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित किया।
  • पीढ़ी दर पीढ़ी कौशल: कोल्लम में काजू प्रसंस्करण का कौशल पीढ़ियों से चला आ रहा है, जहाँ पारंपरिक विशेषज्ञता और आधुनिक तरीके साथ-साथ चलते हैं।


More from our partners
Loving Newspoint? Download the app now
Newspoint