क्यों कुछ फूल सूरज ढलने के बाद ही खिलते हैं? जानिए हैरान करने वाली वजह
सूरज ढलते ही जहाँ अधिकांश फूल अपनी पंखुड़ियाँ समेटने लगते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो ठीक उसी समय खिलना शुरू करते हैं। रात की ठंडी हवा में उनकी भीनी-भीनी खुशबू दूर तक फैल जाती है और उनका सौंदर्य चाँदनी में और भी निखरकर सामने आता है। पहली नज़र में यह एक रहस्यमयी प्राकृतिक घटना लग सकती है, लेकिन इसके पीछे गहरा वैज्ञानिक कारण छिपा है। रात में खिलने वाले फूलों ने लाखों वर्षों के विकासक्रम के दौरान अपने आसपास के वातावरण और परागण करने वाले जीवों के अनुसार खुद को ढाला है। यही अनोखा अनुकूलन उन्हें दिन में खिलने वाले फूलों से अलग बनाता है।
इसी कारण कई रात में खिलने वाले फूल सूर्यास्त के बाद अपनी पंखुड़ियाँ खोलते हैं और सुबह होने तक फिर बंद हो जाते हैं। इससे वे सही समय पर सही परागणकर्ता तक पहुँच पाते हैं।
इसके साथ ही ये फूल दिन में खिलने वाले फूलों की तुलना में अधिक तीव्र सुगंध छोड़ते हैं। अंधेरे में जब दृश्यता कम होती है, तब यही खुशबू पतंगों और अन्य रात्रिचर परागणकर्ताओं को दूर से आकर्षित करती है।
रात में ही क्यों खिलते हैं कुछ फूल?
रात में खिलने वाले फूलों का सबसे बड़ा उद्देश्य उन परागणकर्ताओं को आकर्षित करना होता है जो अंधेरा होने के बाद सक्रिय होते हैं। दिन में मधुमक्खियाँ और तितलियाँ फूलों पर आती हैं, जबकि रात में पतंगे, चमगादड़ और कुछ अन्य कीट परागण का काम करते हैं।इसी कारण कई रात में खिलने वाले फूल सूर्यास्त के बाद अपनी पंखुड़ियाँ खोलते हैं और सुबह होने तक फिर बंद हो जाते हैं। इससे वे सही समय पर सही परागणकर्ता तक पहुँच पाते हैं।
तेज़ खुशबू और हल्के रंग का क्या है कारण?
आपने देखा होगा कि रात में खिलने वाले अधिकांश फूल सफेद, हल्के पीले या क्रीम रंग के होते हैं। इसका कारण यह है कि हल्के रंग चाँदनी और कम रोशनी में अधिक स्पष्ट दिखाई देते हैं।इसके साथ ही ये फूल दिन में खिलने वाले फूलों की तुलना में अधिक तीव्र सुगंध छोड़ते हैं। अंधेरे में जब दृश्यता कम होती है, तब यही खुशबू पतंगों और अन्य रात्रिचर परागणकर्ताओं को दूर से आकर्षित करती है।
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