Kanya Pujan Samagri List: जानें कन्या पूजन में क्या-क्या लगता है, पूरी सामान लिस्ट और पूजा विधि
नवरात्रि के दिन कन्या पूजा करने से बहुत अच्छा लगता है। अष्टमी या नवमी के दिन लोग कन्या पूजा करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस पूजा के बिना नवरात्रि की पूजा अधूरी रहती है। लोग अपने घरों में छोटी बच्चियों को बुलाते हैं। इन बच्चियों को माता रानी का रूप माना जाता है। बच्चियों के घर आने से माता रानी का आशीर्वाद मिलता है। घर के सभी लोग बच्चियों की पूजा करते हैं। बच्चियों को प्यार से खाना खिलाया जाता है और उनके पैर छुए जाते हैं।
बच्चियों के पैर धोना
जब सब बच्चियां और लड़का घर आ जाएं तो सबसे पहले उनके पैर धोने चाहिए। एक बर्तन में साफ पानी लेकर सबके पैर अच्छे से धोने चाहिए। पैर धोने के बाद साफ कपड़े से उनके पैर पोंछने चाहिए। इसके बाद सभी बच्चियों और लड़के को साफ आसन पर बिठाना चाहिए। आसन पर बिठाकर उनकी आगे की पूजा शुरू करनी चाहिए।
बच्चियों की उम्र और उनकी गिनती
कन्या पूजा के लिए बच्चियों की उम्र का ध्यान रखना होता है। 2 साल से लेकर 10 साल तक की बच्चियों को बुलाना चाहिए। इन बच्चियों को बहुत प्यार से घर बुलाना चाहिए। पूजा के लिए 9 बच्चियों को बुलाना सबसे अच्छा है। इन 9 बच्चियों को 9 देवी का रूप माना जाता है। बच्चियों के साथ एक छोटे लड़के को भी जरूर बुलाना चाहिए। ये लड़का भी पूजा का हिस्सा होता है। जब 9 बच्चियां और एक लड़का घर आते हैं तो पूजा शुरू की जाती है।कन्या पूजा का जरूरी सामान
पूजा करने के लिए कुछ सामान की जरूरत होती है। सबसे पहले एक बर्तन में साफ पानी रखना चाहिए। इस साफ पानी से बच्चियों के पैर धोए जाते हैं। बच्चियों को बिठाने के लिए आसन की जरूरत होती है। माथे पर तिलक करने के लिए रोली लेनी होती है। पैर धोने के बाद उन्हें पोंछने के लिए एक साफ कपड़ा चाहिए। हाथों में बांधने के लिए कलावा भी लाना होता है।पूजा में चढ़ाने वाली और चीजें
बच्चियों को चढ़ाने के लिए छोटी चुन्नी चाहिए। कुछ ताजे फल भी बच्चियों को देने के लिए रखने चाहिए। तिलक के साथ माथे पर लगाने के लिए चावल यानी अक्षत चाहिए। इसके अलावा खाने की चीजें चाहिए। खाने में हलवा, पूरी और चना बनाना होता है। ये सारा सामान पूजा शुरू करने से पहले एक जगह पर रख लेना चाहिए ताकि पूजा करते समय कोई परेशानी न हो।पूजा शुरू करने से पहले के काम
बच्चियों के आने से पहले माता रानी की पूजा करनी चाहिए। माता रानी की पूजा के बाद घर में हवन भी करना चाहिए। जब माता रानी की पूजा और हवन पूरा हो जाए, तब बच्चियों को घर के अंदर बुलाना चाहिए। इस बात का ध्यान रखना है कि बच्चियों के साथ एक लड़का जरूर हो। जब सब बच्चे आ जाएं तो उनका बहुत अच्छे से स्वागत करना चाहिए।बच्चियों के पैर धोना
जब सब बच्चियां और लड़का घर आ जाएं तो सबसे पहले उनके पैर धोने चाहिए। एक बर्तन में साफ पानी लेकर सबके पैर अच्छे से धोने चाहिए। पैर धोने के बाद साफ कपड़े से उनके पैर पोंछने चाहिए। इसके बाद सभी बच्चियों और लड़के को साफ आसन पर बिठाना चाहिए। आसन पर बिठाकर उनकी आगे की पूजा शुरू करनी चाहिए। तिलक लगाना और कलावा बांधना
बच्चियों के आसन पर बैठने के बाद उन्हें तिलक लगाना है। कुमकुम और अक्षत लेकर सबके माथे पर सुंदर तिलक लगाना चाहिए। तिलक लगाने के बाद सबके हाथों में कलावा बांधना चाहिए। कलावा बांधने के बाद एक थाली में दीपक जलाकर सबकी आरती उतारनी चाहिए। आरती उतारते समय माता रानी का ध्यान करना बहुत अच्छा होता है।हलवा पूरी खिलाना
आरती करने के बाद बच्चियों को खाना परोसना चाहिए। खाने में उन्हें हलवा, पूरी और चना देना चाहिए। बच्चियों को भरपेट खाना खिलाना चाहिए। जब सब बच्चे खाना खा लें, तो उन्हें उपहार देना चाहिए। उपहार के साथ कुछ पैसे या दक्षिणा भी जरूर देनी चाहिए। ये सब पाकर बच्चियां बहुत खुश हो जाती हैं।आशीर्वाद लेना
जब बच्चियां खाना खा लें और उपहार ले लें, तो सबसे आखिर में उनके पैर छूने चाहिए। पैर छूकर बच्चियों से आशीर्वाद लेना चाहिए। इसके बाद बच्चियों के साथ मिलकर माता रानी के जयकारे लगाने चाहिए। जयकारे लगाने से घर में बहुत अच्छा लगता है। पूजा पूरी होने के बाद एक बहुत जरूरी बात याद रखनी है। कन्या पूजा के बाद उस दिन घर में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए। ये बात सबको ध्यान रखनी चाहिए।Next Story