मां कूष्मांडा की आरती: भक्ति बढ़ाने वाले पवित्र बोल
नवरात्रि का त्योहार देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का प्रतीक है। चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित होता है, जो सृष्टि की रचयिता मानी जाती हैं। उनके नाम का अर्थ है 'कुंभ में आसन रखने वाली'। मां का स्वरूप आठ भुजाओं वाला है, जिसमें कमल, अमृत कलश, धनुष-बाण जैसे दिव्य वस्तुएं हैं। सिंह पर सवार यह देवी भक्तों को ऊर्जा और प्रकाश प्रदान करती हैं। उनके दर्शन से अंधकार मिटता है और जीवन में नई शुरुआत होती है।
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