नवरात्रि 2025: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, मंत्र और भोग
नवरात्रि का दूसरा दिन साधना और संयम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है। मां का यह स्वरूप तपस्या और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है। वे हाथों में जपमाला और कमंडल धारण करती हैं और नंगे पांव चलने वाली तपस्विनी देवी के रूप में जानी जाती हैं। उनकी पूजा से जीवन में आत्मविश्वास, धैर्य और अनुशासन का संचार होता है।
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