नवरात्रि 2026 में अखंड ज्योत जलाने के नियम: सही विधि, सोते समय सावधानियां और जरूरी बातें

पितृ पक्ष समाप्त होते ही मां दुर्गा की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाएगा। साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी और इसका समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ होगा। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह लगभग 6:19 बजे से 10:12 बजे तक रहेगा। हालांकि, आपके शहर के अनुसार मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है।
Hero Image


नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योत जलाना बेहद शुभ माना जाता है। यह केवल एक दीपक नहीं, बल्कि ज्ञान, बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी है। हालांकि, अखंड ज्योत जलाने के कुछ जरूरी नियम होते हैं, जिनका ध्यान रखना चाहिए। खासकर अगर आप नौ दिनों तक जलने वाली अखंड ज्योत के पास सोते हैं, तो कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है।


अखंड ज्योत जलाने का सही तरीका

नवरात्रि में अखंड ज्योत जलाने के लिए लंबी और मोटी बाती का इस्तेमाल करें, ताकि दीपक लगातार जलता रहे। इसके लिए पीतल, चांदी या मिट्टी का दीपक लिया जा सकता है। दीपक में शुद्ध तिल का तेल, सरसों का तेल या घी भरें।


अखंड ज्योत को किसी साफ जगह या स्वच्छ चौकी पर स्थापित करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर के दाईं ओर घी का दीपक और बाईं ओर तेल का दीपक रखना शुभ माना जाता है।


नौ दिनों तक अखंड ज्योत जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान

1. बाती की नोक तेल में न डूबने दें

अखंड ज्योत को लगातार जलाए रखने के लिए समय-समय पर उसमें घी या तेल डालते रहें। ध्यान रखें कि जलती हुई बाती की नोक पूरी तरह तेल में न डूब जाए।


2. दीपक को ढककर रखें

हवा के कारण अखंड ज्योत बुझने से बचाने के लिए दीपक को कांच या धातु के कवर से ढककर रखें। इससे लौ को हवा से सुरक्षा मिल सकती है।

3. मिट्टी के दीपक को पहले पानी में भिगोएं

अगर आप अखंड ज्योत के लिए मिट्टी का दीपक इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे एक रात पहले पानी में भिगोकर रखें। ऐसा करने से दीपक जरूरत से ज्यादा घी या तेल नहीं सोखेगा।

4. इन गलतियों से बचें

अखंड ज्योत के आसपास बच्चों को खेलने न दें। दीपक में ठोस घी सीधे डालने के बजाय उसे पहले पिघला लें। दीपक को शौचालय या रसोई के पास न जलाएं। साथ ही, नौ दिनों तक अखंड ज्योत को उसके निर्धारित स्थान से हटाने से बचें।

5. खानपान का भी रखें ध्यान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस घर में अखंड ज्योत जलाई जाती है, वहां मांसाहारी भोजन, प्याज और लहसुन से परहेज करना चाहिए। इन्हें इस दौरान वर्जित माना जाता है।



अखंड ज्योत के पास सोते हैं तो इन नियमों का जरूर पालन करें

नवरात्रि के दौरान कई लोग अखंड ज्योत बुझने से बचाने के लिए उसी कमरे में सोते हैं, जहां दीपक जल रहा होता है। ऐसी स्थिति में कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. कमरे को पूरी तरह खाली न छोड़ें

जिस कमरे में अखंड ज्योत जल रही हो, उसे नौ दिनों तक पूरी तरह खाली न छोड़ने की सलाह दी जाती है। मान्यता के अनुसार, उस कमरे में किसी न किसी की मौजूदगी होनी चाहिए।

2. सिर और पैरों की दिशा का रखें ध्यान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अखंड ज्योत की ओर पैर करके सोना उचित नहीं माना जाता। ध्यान रखें कि सोते समय आपके सिर या पैर सीधे दीपक की दिशा में न हों।

3. बिस्तर के बजाय जमीन पर सोना माना जाता है बेहतर

जिस कमरे में अखंड ज्योत स्थापित हो, वहां बिस्तर पर सोने के बजाय जमीन पर सोना बेहतर माना जाता है।

4. पूजा स्थल की साफ-सफाई बनाए रखें

अखंड ज्योत के आसपास गंदगी नहीं होनी चाहिए। पूजा स्थल को साफ रखें और आसपास का वातावरण स्वच्छ बनाए रखें।



2026 में नवरात्रि की तारीख को लेकर क्यों है भ्रम?

साल 2026 में नवरात्रि की शुरुआत की तारीख को लेकर कुछ भ्रम है। इसकी वजह प्रतिपदा तिथि का समय है। प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9:30 बजे तक रहेगी।

उदयातिथि के नियम के अनुसार, नवरात्रि का पहला दिन 11 अक्टूबर माना जाएगा, क्योंकि इस दिन सूर्योदय के समय प्रतिपदा तिथि मौजूद रहेगी।

एक और खास बात यह है कि इस बार अष्टमी और नवमी, दोनों तिथियों के अनुष्ठान 19 अक्टूबर को होंगे। वहीं, विजयादशमी 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस तरह साल 2026 में नवरात्रि कुल 10 दिनों की होगी और सप्तमी तिथि दो दिनों तक रहेगी।

अगर आप भी इस नवरात्रि में अखंड ज्योत जलाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन नियमों को पहले से जान लें। पूजा के दौरान श्रद्धा के साथ सावधानी रखना भी जरूरी है।