सावन में क्यों डाली जाती हैं पेड़ों पर पींगे और क्यों झूला झूलने की है परंपरा? जानिए शिव-पार्वती और राधा-कृष्ण से जुड़ा अद्भुत रहस्य
सनातन धर्म में सावन (Sawan 2026) के महीने का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह महीना जहां एक तरफ देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है, वहीं दूसरी तरफ यह प्रकृति के उत्सव और उल्लास का भी प्रतीक है। सावन के आते ही चारों तरफ हरियाली छा जाती है और गांवों से लेकर शहरों तक पेड़ों पर पड़े लंबे झूले लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने लगते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि सावन के महीने में ही झूला झूलने की परंपरा क्यों इतनी खास मानी जाती है? इसके पीछे सिर्फ मनोरंजन का भाव नहीं है, बल्कि इसका गहरा संबंध हमारे पौराणिक ग्रंथों, देवी-देवताओं और प्रकृति के संतुलन से जुड़ा हुआ है।
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