सिंह राशि में केतु-बुध की युति से बना खतरनाक जड़त्व योग, इन 4 राशियों के जीवन में मचेगी भारी उथल-पुथल

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वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल, उनका राशि परिवर्तन और दो परस्पर विरोधी ग्रहों की युति मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। हाल ही में बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क के कारक ग्रह बुध देव ने सूर्य के स्वामित्व वाली सिंह राशि में प्रवेश किया है, जहां छाया ग्रह केतु पहले से ही विराजमान हैं। सिंह राशि में बुध और केतु की इस युति से एक अत्यंत अशुभ और चुनौतीपूर्ण योग का निर्माण हुआ है, जिसे ज्योतिषीय भाषा में 'जड़त्व योग' (Jadatva Yog) कहा जाता है।

ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, बुध बुद्धि और स्पष्ट संवाद का प्रतीक है, जबकि केतु भ्रम, अलगाव, वैराग्य और अचानक रुकावटों का प्रतिनिधित्व करता है। जब ये दोनों ग्रह एक साथ एक ही राशि में आते हैं, तो जातक की निर्णय लेने की क्षमता कुंद हो जाती है, बुद्धि जड़वत यानी भ्रमित हो जाती है और वाणी पर नियंत्रण खोने लगता है। इस दुर्लभ खगोलीय घटना का असर वैसे तो सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 4 राशियां ऐसी हैं जिनके जीवन में यह योग करियर, कारोबार, सेहत और पारिवारिक रिश्तों में बड़ी उथल-पुथल मचा सकता है।

क्या होता है जड़त्व योग और क्यों माना जाता है इसे अशुभ?

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