शरद पूर्णिमा 2025: व्रत, कथा, विधि और लक्ष्मी पूजा का महत्व
शरद पूर्णिमा को कोजोगार पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह दिन भगवान कृष्ण के गोपियों संग रास रचाने और मां लक्ष्मी के धरती पर भ्रमण का प्रतीक है। भक्त इस दिन व्रत रखकर लक्ष्मी-विष्णु की आराधना करते हैं, ताकि धन-धान्य और कल्याण प्राप्त हो। रात में चंद्रमा की चांदनी विशेष महत्व रखती है।
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