On this day:ब्रिजटाउन टेस्ट 1948: एक मैच और 12 डेब्यू, जानिए क्रिकेट के इस अनोखे रिकॉर्ड के बारे में
इस मैच में वेस्टइंडीज की तरफ से सात और इंग्लैंड की तरफ से पांच खिलाड़ियों ने पहली बार टेस्ट कैप पहनी। वेस्टइंडीज के कप्तान जेफरी स्टोलमेयर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। मेजबान टीम ने क्लाइव वॉल्कोट, एवर्टन वीक्स, रॉबर्ट क्रिस्टियानी, विल्फ्रेड फर्ग्यूसन, बर्कले गास्किन, जॉन गोडार्ड और प्रायर जोन्स को मैदान में उतारा। वहीं, इंग्लैंड की तरफ से जिम लेकर, मॉरिस ट्रेमलेट, डेनिस ब्रूक्स, विंस्टन प्लेस और जेराल्ड स्मिथसन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया।
इसी तरह, एक और डेब्यू करने वाले खिलाड़ी एवर्टन वीक्स थे। उन्होंने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 35 रन बनाए। भले ही यह स्कोर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन वीक्स का करियर आगे चलकर बहुत शानदार रहा। वे वाल्कोट और फ्रैंक वॉरेल के साथ मिलकर प्रसिद्ध "थ्री डब्लू" का हिस्सा बने, जिन्होंने युद्ध के बाद के दौर में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
यह ऐतिहासिक मैच एक हाई-स्कोरिंग ड्रा के रूप में समाप्त हुआ। वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में 296 रन बनाए, जिसमें जेरी गोमेज ने 86 रनों की शानदार पारी खेली। जवाब में इंग्लैंड ने जैक रॉबर्टसन के संयमित 80 रनों की बदौलत 253 रन बनाए। इंग्लैंड की दूसरी पारी जल्दी समाप्त हो गई और वेस्टइंडीज द्वारा एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखे जाने के बावजूद, मैच का कोई नतीजा नहीं निकल सका।
जिम लेकर का शानदार प्रदर्शन
इंग्लैंड के ऑफ स्पिनर जिम लेकर ने अपने पहले ही टेस्ट में अपनी छाप छोड़ी। वेस्टइंडीज की पहली पारी में लेकर ने एक यादगार स्पेल डाला और 37 ओवरों में 103 रन देकर 7 विकेट चटकाए। उनका प्रदर्शन इतना प्रभावी था कि वे मैच के केंद्र बिंदु बन गए। लेकर ने क्लाइव वॉल्कोट को भी आउट किया, जो उस समय केवल अपनी चौथी गेंद का सामना कर रहे थे। जिम लेकर का यह प्रदर्शन भविष्य में उनकी महानता का संकेत था, जो आगे चलकर 1956 में एक पारी में सभी 10 विकेट लेने के विश्व रिकॉर्ड के रूप में देखने को मिला।दिग्गजों की धीमी शुरुआत
केंसिंग्टन ओवल का यह टेस्ट भविष्य के महान खिलाड़ियों की शुरुआत का गवाह बना। क्लाइव वॉल्कोट ने अपनी पहली पारी में केवल 8 रन बनाए। हालांकि, इस मामूली शुरुआत से उनके भविष्य की महानता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था। वॉल्कोट बाद में वेस्टइंडीज के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक बने और कैरेबियाई क्रिकेट में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा।इसी तरह, एक और डेब्यू करने वाले खिलाड़ी एवर्टन वीक्स थे। उन्होंने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 35 रन बनाए। भले ही यह स्कोर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन वीक्स का करियर आगे चलकर बहुत शानदार रहा। वे वाल्कोट और फ्रैंक वॉरेल के साथ मिलकर प्रसिद्ध "थ्री डब्लू" का हिस्सा बने, जिन्होंने युद्ध के बाद के दौर में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
मैच का परिणाम
यह ऐतिहासिक मैच एक हाई-स्कोरिंग ड्रा के रूप में समाप्त हुआ। वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में 296 रन बनाए, जिसमें जेरी गोमेज ने 86 रनों की शानदार पारी खेली। जवाब में इंग्लैंड ने जैक रॉबर्टसन के संयमित 80 रनों की बदौलत 253 रन बनाए। इंग्लैंड की दूसरी पारी जल्दी समाप्त हो गई और वेस्टइंडीज द्वारा एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखे जाने के बावजूद, मैच का कोई नतीजा नहीं निकल सका। विरासत और महत्व
आंकड़ों से परे, 1948 के ब्रिजटाउन टेस्ट को उन खिलाड़ियों के लिए याद किया जाता है जिन्होंने आगे चलकर एक युग को परिभाषित किया। जिम लेकर, वॉल्कोट और वीक्स जैसे खिलाड़ियों ने इसी मैच से अपनी यात्रा शुरू की और बाद में क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। यह मैच इस बात का प्रतीक है कि खेल का इतिहास केवल नतीजों से नहीं, बल्कि उन खिलाड़ियों से बनता है जो आगे चलकर किंवदंती बन जाते हैं।Next Story