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On This Day In 1996: आज ही के दिन वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर रचा था इतिहास

1996 World Cup के शुरू होने से पहले किसी ने भी नहीं सोचा था कि श्रीलंका की टीम कुछ खास कर पाएगी। टूर्नामेंट के शुरू में इस टीम के जीतने के भाव 100-1 के थे। सबको लगता था कि ये टीम बहुत जल्दी बाहर हो जाएगी । पर खेल के मैदान पर जो हुआ, वो सच में एक सपने जैसा था। 1996 वर्ल्ड कप में श्रीलंका ने सभी लोगों को गलत साबित कर दिया। किसी भी खेल के इतिहास में शायद ही किसी इतनी कमजोर मानी जाने वाली टीम ने इतने पक्के इरादे और लगन के साथ कोई बड़ा टूर्नामेंट जीता हो। ये शानदार जीत अपने आप में बहुत बड़ी बात थी और इसने सबको पूरी तरह से हैरान कर दिया।
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इंग्लैंड और भारत की हार

इस सफर में श्रीलंका ने अपनी जीत का परचम लहराते हुए कई बड़ी टीमों को बाहर का रास्ता दिखाया। क्वार्टर फाइनल का मैच इंग्लैंड की टीम के खिलाफ था। उस मैच में श्रीलंका ने कमाल का खेल दिखाते हुए इंग्लैंड की टीम को पूरी तरह से तबाह कर दिया। इसके बाद सेमी फाइनल में उनका सामना भारत से हुआ। भारत को भी श्रीलंका ने बहुत ही बुरी तरह से हराया। इन दोनों बड़ी जीतों के बाद पूरी दुनिया की नजरें श्रीलंका पर आ गई थीं। जिस टीम को पहले कोई पूछ नहीं रहा था, अब वो फाइनल में पहुंच चुकी थी।

लाहौर का फाइनल मैच

इसके बाद लाहौर के मैदान में फाइनल मैच खेला गया। फाइनल में सामने ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी और मजबूत टीम खड़ी थी। सबको यही लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया आसानी से जीत हासिल कर लेगी। पर श्रीलंका ने इस आखिरी मैच में भी कमाल कर दिया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को बहुत ही आसानी से किनारे कर दिया। ये हार ऑस्ट्रेलिया के लिए बहुत चौंकाने वाली बात थी। फाइनल में श्रीलंका का एकतरफा खेल देखकर मैदान में बैठा हर कोई हैरान रह गया था।


अरविंदा डी सिल्वा का कमाल

लाहौर के फाइनल मैच में अरविंदा डी सिल्वा ने सबसे अच्छा खेल दिखाया। उन्होंने बल्ले से एक बहुत ही साफ और सुंदर पारी खेली। अरविंदा ने शानदार 107 रन बनाए और आखिर तक वो आउट भी नहीं हुए। बल्ले के साथ साथ उन्होंने अपनी गेंद से भी कमाल किया। अरविंदा ने फाइनल में 3 जरूरी विकेट भी चटकाए। इसके अलावा उन्होंने बहुत अच्छी फील्डिंग करते हुए 2 शानदार कैच भी पकड़े। इतने अच्छे और लाजवाब खेल के बाद ये पहले से ही तय हो गया था कि मैन ऑफ द मैच का इनाम अरविंदा डी सिल्वा को ही मिलेगा। उनका खेल इतना अच्छा था कि मैच में कोई और खिलाड़ी उनके आस पास भी नहीं था।

रणतुंगा के विनिंग रन

जब ये मैच खत्म होने वाला था तब क्रीज पर अर्जुना रणतुंगा खड़े थे। उन्होंने बहुत ही आराम से अपनी टीम के लिए विनिंग रन बनाए। श्रीलंका ने ये बड़ा फाइनल मैच बहुत आसानी से अपने नाम कर लिया। मैच खत्म होने के बाद भी पूरे 22 गेंद बचे हुए थे। इसके साथ ही श्रीलंका के 7 विकेट भी बचे हुए थे।