1996 World Cup में एक बहुत ही शानदार मैच खेला गया था। ये मैच बंबई के वानखेड़े स्टेडियम में हुआ था। इस मैच में Sachin Tendulkar और Shane Warne की टक्कर देखने को मिली थी। क्रिकेट को पसंद करने वाले लोग आज भी इस मैच को याद करते हैं।
पहले ओवर का खेल
शेन वॉर्न ने अपने पहले ओवर में 10 रन दिए थे। लेकिन ये दस रन आसानी से नहीं आए थे। इन रनों में थोड़ा किस्मत का भी साथ था क्योंकि ये रन थोड़े जोखिम भरे थे। शेन वॉर्न के इस ओवर में कुछ मौकों पर ऐसा लगा कि वॉर्न को कुछ नैतिक जीत मिली है। लेकिन सचिन ने रन बनाना जारी रखा।
सचिन के 90 रन
इस मैच में सचिन तेंदुलकर ने बहुत ही बढ़िया खेल दिखाया। उन्होंने अपने बल्ले से कुल 90 रन बनाए। सचिन बहुत ही तेज अंदाज में खेल रहे थे और उन्हें रोकना बहुत मुश्किल था। वो पूरी तरह से हावी होकर खेल रहे थे और लगातार रन बना रहे थे। उनके ये 90 रन टीम के लिए बहुत काम आए और उन्होंने एक मजबूत नींव रखी। सचिन का ये खेल बहुत ही कमाल का था और सबने इसकी तारीफ की।
शेन वॉर्न की गेंदबाजी
शेन वॉर्न ने इस मैच में अपने पूरे दस ओवर डाले और इन दस ओवरों में उन्होंने सिर्फ अट्ठाईस रन दिए। ये दिखाता है कि उन्होंने कितनी अच्छी गेंदबाजी की थी। दस ओवर में सिर्फ अट्ठाईस रन देना एक बहुत बड़ी बात होती है, खासकर तब जब सामने सचिन तेंदुलकर जैसा बल्लेबाज हो। वॉर्न ने बल्लेबाजों को आसानी से रन नहीं बनाने दिए और उन पर लगातार दबाव बनाए रखा।
एक वाइड गेंद और स्टंपिंग
सचिन तेंदुलकर बहुत ही तेजी से रन बना रहे थे और उन्हें रोकना बहुत मुश्किल सा लग रहा था। तभी एक पल ऐसा आया जिसने सब कुछ बदल दिया। एक गेंद जो कि वाइड थी, उस पर सचिन तेंदुलकर स्टंप आउट हो गए। और ये स्टंपिंग मार्क वॉ की वजह से हो पाई। इस तरह से तेज खेल रहे सचिन का विकेट गिरना मैच का सबसे बड़ा मोड़ था। एक वाइड गेंद पर इस तरह से आउट होना बहुत ही चौंकाने वाला था।
डेमियन फ्लेमिंग का खेल
सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद मैच पूरी तरह से बदल गया। इसके बाद डेमियन फ्लेमिंग गेंदबाजी करने आए। फ्लेमिंग ने निचले क्रम के बल्लेबाजों को टिकने ही नहीं दिया। उन्होंने एक के बाद एक कई खिलाड़ियों को आउट किया। डेमियन फ्लेमिंग ने इस मैच में 36 रन देकर 5 विकेट लिए। उनका ये खेल टीम की जीत के लिए बहुत जरूरी था। फ्लेमिंग की गेंदों का सामना करना किसी भी निचले क्रम के बल्लेबाज के लिए आसान काम नहीं था। उन्होंने अपनी अच्छी गेंदबाजी से मैच को पूरी तरह से ऑस्ट्रेलिया की तरफ मोड़ दिया।
ऑस्ट्रेलिया की जीत
आखिर में ये मैच ऑस्ट्रेलिया के नाम रहा। डेमियन फ्लेमिंग की अच्छी गेंदबाजी और मार्क वॉ की उस खास स्टंपिंग की वजह से ऑस्ट्रेलिया ने ये मैच जीत लिया। ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच में सोलह रन से जीत हासिल की। ये मैच बहुत ही करीबी रहा और दोनों टीमों ने बहुत अच्छी लड़ाई की। लेकिन आखिर में बाजी ऑस्ट्रेलिया के हाथ लगी और उन्होंने इस कड़े मुकाबले में 16 रन से जीत दर्ज की।