On This Day: जब 493 रनों के लक्ष्य के करीब पहुँचकर इतिहास रचने वाली थी Team India
क्रिकेट के इतिहास में कुछ हार ऐसी होती हैं जो जीत से भी ज्यादा यादगार बन जाती हैं। साल 1978 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड में खेला गया पांचवां टेस्ट मैच भी कुछ ऐसा ही था। पांच मैचों की सीरीज 2-2 की बराबरी पर थी और एडिलेड का यह मैदान सीरीज का भविष्य तय करने वाला था। इस मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने जो जज्बा दिखाया, उसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था।

ऑस्ट्रेलिया का विशाल लक्ष्य
मैच की चौथी पारी में भारत के सामने जीत के लिए 493 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य था। उस दौर में चौथी पारी में इतने रन बनाने के बारे में सोचना भी मुश्किल माना जाता था। एडिलेड की पिच पर ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी लग रहा था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के मन में कुछ और ही चल रहा था। भारत ने इस असंभव दिख रहे लक्ष्य का पीछा इतनी निडरता से किया कि एक समय ऑस्ट्रेलिया के हाथ-पांव फूलने लगे थे।भारतीय बल्लेबाजों का संघर्ष
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने जबरदस्त शुरुआत की। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया। जब भारत का स्कोर 4 विकेट पर 323 रन था, तब ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम एक नया इतिहास रचने वाली है। मैदान पर मौजूद दर्शकों और रेडियो पर कमेंट्री सुन रहे प्रशंसकों की धड़कनें तेज हो चुकी थीं। हर रन के साथ ऑस्ट्रेलिया का डर बढ़ता जा रहा था।अंतिम क्षणों का रोमांच
भारत ने अपनी पूरी जान लगा दी और स्कोर को 445 रनों तक पहुंचा दिया। उस समय यह टेस्ट इतिहास में चौथी पारी का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था। हालांकि, टीम इंडिया जीत के दरवाजे तक पहुंचकर महज कुछ कदम दूर रह गई। ऑस्ट्रेलिया के 41 वर्षीय कप्तान बॉब सिम्पसन ने खुद गेंदबाजी की कमान संभाली और भारत का आखिरी विकेट चटकाकर अपनी टीम को 3-2 से सीरीज जिता दी। भारत भले ही यह मैच हार गया, लेकिन उसने ऑस्ट्रेलियाई टीम को डराकर रख दिया था।Next Story