India vs New Zealand: बीच के ओवरों में क्या गलती कर बैठी टीम इंडिया? कप्तान गिल ने खुलकर की बात
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने स्कोरबोर्ड पर सम्मानजनक स्कोर बनाया था। केएल राहुल ने जिम्मेदारी संभालते हुए अपने वनडे करियर का आठवां शतक जड़ा। उनकी नाबाद 112 रनों की पारी ने भारत को 7 विकेट पर 284 रनों तक पहुंचाया। फैंस को लगा कि यह स्कोर कीवी टीम को रोकने के लिए काफी होगा, लेकिन न्यूजीलैंड के इरादे कुछ और ही थे।
जवाब में उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने इस लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया। डेरेल मिचेल ने नाबाद 131 रनों की आतिशी पारी खेली, जबकि विल यंग ने 87 रन बनाकर उनका बखूबी साथ दिया। इन दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 162 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया और भारत को सीरीज में एक करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।
शुभमन गिल ने कहा कि हम बीच के ओवरों में विकेट नहीं निकाल पाए। यह खेल का वह हिस्सा था जहां हम पिछड़ गए। जब पांच फील्डर घेरे के अंदर होते हैं और आप लगातार विकेट नहीं लेते, तो मैच पर कंट्रोल रखना नामुमकिन हो जाता है। गिल का मानना था कि अगर भारतीय टीम 15 या 20 रन और भी बना लेती, तो भी परिणाम शायद यही होता क्योंकि जब तक आप बीच के ओवरों में पार्टनरशिप नहीं तोड़ते, बड़े से बड़े लक्ष्य को बचाना मुश्किल हो जाता है।
गिल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हमने बोर्ड पर अच्छा स्कोर लगाया था और गेंदबाजी की शुरुआत भी दमदार थी। शुरुआती 10 ओवरों में हमारे गेंदबाजों ने कीवी टीम को दबाव में डाल दिया था। लेकिन जैसे ही गेंद पुरानी हुई और डेरेल मिचेल व विल यंग सेट हुए, उन्होंने हमारे हाथों से मैच छीन लिया।
गिल ने माना कि ऐसे समय में भारतीय गेंदबाजों को थोड़ी और हिम्मत दिखानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि यहां हमें गेंदबाजी में थोड़ी और बहादुरी दिखानी चाहिए थी। बीच के ओवरों में हमें रिस्क लेकर मौके बनाने चाहिए थे, जो हम नहीं कर पाए। इसके अलावा उन्होंने फील्डिंग पर भी चिंता जताई। पिछले मैच की तरह इस मैच में भी कुछ मौके छूटे, जिस पर गिल ने कहा कि अगर आप इंटरनेशनल क्रिकेट में कैच छोड़ेंगे या मौके नहीं भुनाएंगे, तो मैच जीतना बहुत मुश्किल हो जाएगा।
खास तौर पर उन्होंने अपना डेब्यू कर रहे गेंदबाज जेडन लेनोक्स की जमकर तारीफ की। ब्रेसवेल ने कहा कि भारत में आकर डेब्यू करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन लेनोक्स ने कठिन ओवरों में गेंदबाजी की और शानदार जज्बा दिखाया।
राजकोट की यह हार टीम इंडिया के लिए एक अलार्म की तरह है। केएल राहुल की फॉर्म निश्चित रूप से एक सकारात्मक पहलू है, लेकिन बीच के ओवरों में विकेट न मिल पाना और फील्डिंग में हो रही चूक चिंता का विषय है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सीरीज के अगले मैचों में शुभमन गिल और उनकी टीम इन गलतियों से क्या सबक लेती है।
जवाब में उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने इस लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया। डेरेल मिचेल ने नाबाद 131 रनों की आतिशी पारी खेली, जबकि विल यंग ने 87 रन बनाकर उनका बखूबी साथ दिया। इन दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 162 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया और भारत को सीरीज में एक करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।
कहां चूकी टीम इंडिया?
मैच खत्म होने के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में शुभमन गिल काफी निराश दिखे। उन्होंने हार का कारण सीधे तौर पर बीच के ओवरों में खराब गेंदबाजी और विकेट न ले पाने को बताया।शुभमन गिल ने कहा कि हम बीच के ओवरों में विकेट नहीं निकाल पाए। यह खेल का वह हिस्सा था जहां हम पिछड़ गए। जब पांच फील्डर घेरे के अंदर होते हैं और आप लगातार विकेट नहीं लेते, तो मैच पर कंट्रोल रखना नामुमकिन हो जाता है। गिल का मानना था कि अगर भारतीय टीम 15 या 20 रन और भी बना लेती, तो भी परिणाम शायद यही होता क्योंकि जब तक आप बीच के ओवरों में पार्टनरशिप नहीं तोड़ते, बड़े से बड़े लक्ष्य को बचाना मुश्किल हो जाता है।
साझेदारी तोड़ना था जरूरी
गिल ने खेल की बारीकियों पर बात करते हुए कहा कि ऐसी पिचों पर जब एक बार साझेदारी बन जाती है, तो सेट बल्लेबाज के लिए रन बनाना आसान हो जाता है, जबकि नए बल्लेबाज को शुरू में संघर्ष करना पड़ता है। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने इसी का फायदा उठाया।गिल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हमने बोर्ड पर अच्छा स्कोर लगाया था और गेंदबाजी की शुरुआत भी दमदार थी। शुरुआती 10 ओवरों में हमारे गेंदबाजों ने कीवी टीम को दबाव में डाल दिया था। लेकिन जैसे ही गेंद पुरानी हुई और डेरेल मिचेल व विल यंग सेट हुए, उन्होंने हमारे हाथों से मैच छीन लिया।
'हमें थोड़ा और बहादुर होना चाहिए था'
कप्तान ने पिच के मिजाज के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि पहले 10 से 15 ओवरों में गेंद अच्छी स्विंग हो रही थी और मूव कर रही थी, जिससे गेंदबाजों को मदद मिली। लेकिन 20 से 25 ओवर के बाद विकेट पूरी तरह से सपाट हो गया और बल्लेबाजी के लिए आसान हो गया।गिल ने माना कि ऐसे समय में भारतीय गेंदबाजों को थोड़ी और हिम्मत दिखानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि यहां हमें गेंदबाजी में थोड़ी और बहादुरी दिखानी चाहिए थी। बीच के ओवरों में हमें रिस्क लेकर मौके बनाने चाहिए थे, जो हम नहीं कर पाए। इसके अलावा उन्होंने फील्डिंग पर भी चिंता जताई। पिछले मैच की तरह इस मैच में भी कुछ मौके छूटे, जिस पर गिल ने कहा कि अगर आप इंटरनेशनल क्रिकेट में कैच छोड़ेंगे या मौके नहीं भुनाएंगे, तो मैच जीतना बहुत मुश्किल हो जाएगा।
न्यूजीलैंड के कप्तान ने क्या कहा?
दूसरी ओर, जीत से उत्साहित न्यूजीलैंड के कप्तान माइकल ब्रेसवेल ने इसे एक 'कम्पलीट टीम परफॉर्मेंस' करार दिया। उन्होंने कहा कि हम पहली पारी के बाद ही खुश थे कि हमने भारत को एक रोके जाने योग्य स्कोर पर सीमित रखा। ब्रेसवेल ने अपने गेंदबाजों की तारीफ की और कहा कि बल्लेबाजों ने दबाव को बहुत अच्छे से संभाला।खास तौर पर उन्होंने अपना डेब्यू कर रहे गेंदबाज जेडन लेनोक्स की जमकर तारीफ की। ब्रेसवेल ने कहा कि भारत में आकर डेब्यू करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन लेनोक्स ने कठिन ओवरों में गेंदबाजी की और शानदार जज्बा दिखाया।
राजकोट की यह हार टीम इंडिया के लिए एक अलार्म की तरह है। केएल राहुल की फॉर्म निश्चित रूप से एक सकारात्मक पहलू है, लेकिन बीच के ओवरों में विकेट न मिल पाना और फील्डिंग में हो रही चूक चिंता का विषय है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सीरीज के अगले मैचों में शुभमन गिल और उनकी टीम इन गलतियों से क्या सबक लेती है।
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