T20 World Cup 2026: ग्रुप स्टेज में अजेय रही टीम इंडिया, सुपर 8 से पहले सूर्यकुमार यादव ने लिया बड़ा फैसला
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में भारतीय टीम का प्रदर्शन किसी सपने से कम नहीं रहा है। कप्तान सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में टीम इंडिया ने अपने चारों मुकाबले जीतकर ग्रुप ए में टॉप पर जगह बनाई है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में नीदरलैंड्स के खिलाफ मिली 17 रनों की जीत के साथ ही भारत ने ग्रुप स्टेज का सफर अजेय रहते हुए खत्म किया। इस शानदार लय को बरकरार रखने और खिलाड़ियों को मानसिक रूप से तरोताजा करने के लिए कप्तान ने एक बड़ा फैसला लिया है।
नीदरलैंड्स के खिलाफ संघर्ष और शानदार वापसी
अहमदाबाद में खेले गए आखिरी ग्रुप मैच में भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा के लगातार तीसरे डक (शून्य पर आउट होना) ने टीम को दबाव में डाल दिया था। लेकिन इसके बाद शिवम दुबे के बल्ले से निकले 31 गेंदों में 66 रनों के तूफान ने भारत को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। कप्तान सूर्या और तिलक वर्मा की उपयोगी पारियों की मदद से भारत ने 193 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में डच टीम ने भी कड़ी टक्कर दी, लेकिन वरुण चक्रवर्ती की जादुई गेंदबाजी (3/14) के सामने वे 176 रन ही बना सके।
एक दिन का आराम और सुपर 8 की रणनीति
ग्रुप स्टेज के व्यस्त कार्यक्रम के बाद सूर्यकुमार यादव ने टीम के लिए गुरुवार को 'रेस्ट डे' घोषित किया है। सूर्या का मानना है कि जीत के बावजूद टीम में सुधार की गुंजाइश है। उन्होंने मैच के बाद कहा कि हालांकि हमने लगभग सभी बॉक्स टिक कर लिए हैं, लेकिन हर जीत हमें कुछ नया सिखाती है। एक दिन का यह ब्रेक खिलाड़ियों को अपनी गलतियों पर विचार करने और सुपर 8 की चुनौतियों के लिए रणनीति बनाने में मदद करेगा।
सुपर 8 की राह: दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे से चुनौती
अब भारतीय टीम का अगला पड़ाव सुपर 8 है, जहाँ असली परीक्षा शुरू होगी। भारत को ग्रुप 1 में रखा गया है, जहाँ उसका मुकाबला दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज जैसी टीमों से होगा।
भारतीय टीम का सुपर 8 शेड्यूल इस प्रकार है:
कैचिंग और स्पिन के खिलाफ कमजोरी बड़ी चिंता
अजेय रहने के बावजूद टीम इंडिया के सामने कुछ बड़ी चुनौतियां हैं। टूर्नामेंट में अब तक भारत ने 9 कैच छोड़े हैं, जो फील्डिंग के गिरते स्तर को दर्शाता है। साथ ही, मध्यक्रम के बल्लेबाजों का ऑफ-स्पिन गेंदबाजों के सामने संघर्ष करना भी विरोधियों के लिए एक मौका बन सकता है। सुपर 8 की शुरुआत से पहले टीम इंडिया को इन 'दरारों' को भरना होगा।
क्या भारत फिर बनेगा विश्व विजेता?
गौतम गंभीर की कोचिंग और सूर्या की शांत कप्तानी में टीम इंडिया एक अलग ही अंदाज में नजर आ रही है। पाकिस्तान को पटखनी देने के बाद टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। अब देखना यह होगा कि क्या भारतीय टीम ग्रुप स्टेज की इस फॉर्म को नॉकआउट तक ले जा पाती है और दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी घर लाती है।
नीदरलैंड्स के खिलाफ संघर्ष और शानदार वापसी
अहमदाबाद में खेले गए आखिरी ग्रुप मैच में भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा के लगातार तीसरे डक (शून्य पर आउट होना) ने टीम को दबाव में डाल दिया था। लेकिन इसके बाद शिवम दुबे के बल्ले से निकले 31 गेंदों में 66 रनों के तूफान ने भारत को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। कप्तान सूर्या और तिलक वर्मा की उपयोगी पारियों की मदद से भारत ने 193 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में डच टीम ने भी कड़ी टक्कर दी, लेकिन वरुण चक्रवर्ती की जादुई गेंदबाजी (3/14) के सामने वे 176 रन ही बना सके। एक दिन का आराम और सुपर 8 की रणनीति
ग्रुप स्टेज के व्यस्त कार्यक्रम के बाद सूर्यकुमार यादव ने टीम के लिए गुरुवार को 'रेस्ट डे' घोषित किया है। सूर्या का मानना है कि जीत के बावजूद टीम में सुधार की गुंजाइश है। उन्होंने मैच के बाद कहा कि हालांकि हमने लगभग सभी बॉक्स टिक कर लिए हैं, लेकिन हर जीत हमें कुछ नया सिखाती है। एक दिन का यह ब्रेक खिलाड़ियों को अपनी गलतियों पर विचार करने और सुपर 8 की चुनौतियों के लिए रणनीति बनाने में मदद करेगा।सुपर 8 की राह: दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे से चुनौती
अब भारतीय टीम का अगला पड़ाव सुपर 8 है, जहाँ असली परीक्षा शुरू होगी। भारत को ग्रुप 1 में रखा गया है, जहाँ उसका मुकाबला दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज जैसी टीमों से होगा। भारतीय टीम का सुपर 8 शेड्यूल इस प्रकार है:
- 22 फरवरी: बनाम दक्षिण अफ्रीका (अहमदाबाद)
- 26 फरवरी: बनाम जिम्बाब्वे (चेन्नई)
- 1 मार्च: बनाम वेस्टइंडीज (कोलकाता)
कैचिंग और स्पिन के खिलाफ कमजोरी बड़ी चिंता
अजेय रहने के बावजूद टीम इंडिया के सामने कुछ बड़ी चुनौतियां हैं। टूर्नामेंट में अब तक भारत ने 9 कैच छोड़े हैं, जो फील्डिंग के गिरते स्तर को दर्शाता है। साथ ही, मध्यक्रम के बल्लेबाजों का ऑफ-स्पिन गेंदबाजों के सामने संघर्ष करना भी विरोधियों के लिए एक मौका बन सकता है। सुपर 8 की शुरुआत से पहले टीम इंडिया को इन 'दरारों' को भरना होगा।क्या भारत फिर बनेगा विश्व विजेता?
गौतम गंभीर की कोचिंग और सूर्या की शांत कप्तानी में टीम इंडिया एक अलग ही अंदाज में नजर आ रही है। पाकिस्तान को पटखनी देने के बाद टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। अब देखना यह होगा कि क्या भारतीय टीम ग्रुप स्टेज की इस फॉर्म को नॉकआउट तक ले जा पाती है और दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी घर लाती है। Next Story