On this day: कार्ल हूपर का वो तूफानी शतक और कपिल-शास्त्री का संघर्ष, जानें ग्वालियर वनडे की कहानी

मैच की शुरुआत भारतीय कप्तान रवि शास्त्री के टॉस जीतने के साथ हुई, जिन्होंने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। वेस्टइंडीज के लिए डेसमंड हेन्स और फिल सिमंस पारी की शुरुआत करने आए। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में कसी हुई गेंदबाजी की और हेन्स को संजीव शर्मा ने जल्द ही बोल्ड कर दिया। इसके बाद विव रिचर्ड्स और रिची रिचर्डसन ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन वे भी बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे। 103 रन के स्कोर पर 4 विकेट गिर जाने के बाद ऐसा लग रहा था कि भारतीय गेंदबाज मैच पर पकड़ बना लेंगे।
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कार्ल हूपर और गस लोगी का पलटवार

जब वेस्टइंडीज की टीम मुश्किल में थी, तब कार्ल हूपर क्रीज पर आए और मैच का रुख ही बदल दिया। हूपर ने गस लोगी के साथ मिलकर भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली। गस लोगी ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए 84 गेंदों पर 54 रन बनाए और हूपर को स्ट्राइक रोटेट करते रहे।

दूसरी तरफ, कार्ल हूपर अलग ही अंदाज में नजर आए। उन्होंने न केवल पारी को संभाला बल्कि अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरे। हूपर ने 97 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 113 रन बनाए। उनकी इस पारी में 12 शानदार चौके और 2 छक्के शामिल थे। हूपर की इस आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत वेस्टइंडीज ने निर्धारित 50 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 278 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारत की ओर से अर्शद अयूब ने 2 विकेट चटकाए, जबकि कपिल देव काफी महंगे साबित हुए।