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On this day in 2006: इरफान पठान ने कराची टेस्ट के पहले ही ओवर में हैट्रिक लेकर रचा था इतिहास

क्रिकेट के मैदान पर कुछ पल ऐसे होते हैं जो इतिहास की किताबों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाते हैं। साल 2006 में कराची के नेशनल स्टेडियम में खेला गया भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरा टेस्ट मैच भी कुछ ऐसा ही था। श्रृंखला के निर्णायक मोड़ पर खड़े इस मैच की पहली तीन गेंदों ने पूरे क्रिकेट जगत को हिला कर रख दिया था।

इरफान पठान का जादू

मैच का पहला ओवर फेंकने आए इरफान पठान ने वह कर दिखाया जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। उन्होंने मैच के पहले ही ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर सलमान बट, यूनिस खान और मोहम्मद यूसुफ जैसे दिग्गजों को पवेलियन भेजकर हैट्रिक पूरी की। स्टेडियम में सन्नाटा पसरा था और भारतीय खेमा जश्न में डूबा था। स्विंग होती गेंदों के सामने पाकिस्तान का ऊपरी क्रम पूरी तरह बिखर चुका था।

संकट में पाकिस्तान

पठान के उस वार के बाद भी भारतीय गेंदबाजों का कहर थमा नहीं था। देखते ही देखते पाकिस्तान का स्कोर 39 रन पर 6 विकेट हो गया। ऐसा लग रहा था कि मैच पहले ही दिन और शायद कुछ ही घंटों में भारत की मुट्ठी में आ जाएगा। पाकिस्तान की टीम गहरे संकट में थी और एक शर्मनाक हार का खतरा मंडरा रहा था।

कामरान अकमल का पलटवार

जब सब कुछ खत्म होता दिख रहा था, तब विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने केवल बचाव करने के बजाय काउंटर-अटैक करने की रणनीति अपनाई। कामरान ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ निडर होकर शॉट्स खेले और 113 रनों की एक शानदार पारी खेली। इस पारी ने न केवल पाकिस्तान को संकट से निकाला बल्कि भारतीय टीम के मनोबल पर भी चोट की।

निचले क्रम का सहयोग

कामरान अकमल को निचले क्रम में अब्दुल रज्जाक और शोएब अख्तर का बखूबी साथ मिला। इन खिलाड़ियों के बीच हुई महत्वपूर्ण साझेदारियों ने पाकिस्तान को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचा दिया। जो टीम 50 रन के भीतर सिमटती दिख रही थी, उसने मैच में जान फूँक दी थी। इन छोटे लेकिन प्रभावी कैमियो ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

एक चौंकाने वाला अंत

कराची टेस्ट का वह पहला दिन जितना नाटकीय था, मैच का अंत उतना ही चौंकाने वाला रहा। पहली पारी में पिछड़ने और शुरुआती झटकों के बाद भी पाकिस्तान ने खेल के हर विभाग में गजब की वापसी की। चार दिनों के भीतर ही पाकिस्तान ने इस मुकाबले को 341 रनों के विशाल अंतर से जीत लिया। यह हार भारतीय टीम के लिए जितनी कड़वी थी, क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह मैच उतना ही रोमांचक और अप्रत्याशित साबित हुआ।
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