क्रिकेट के खेल में कई बार ऐसे पल आते हैं जो हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाते हैं। 2011 के वर्ल्ड कप में बैंगलोर के मैदान पर एक ऐसा ही कमाल हुआ था। आज ही के दिन आयरलैंड और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने थीं। किसी ने सोचा भी नहीं था कि उस दिन एक ऐसा खिलाड़ी चमकेगा जिसके गुलाबी बाल और बल्ले की गूंज की चर्चा पूरी दुनिया में होगी।
इंग्लैंड का पहाड़ जैसा स्कोर
मैच की शुरुआत में इंग्लैंड की टीम बहुत मजबूत लग रही थी। इंग्लैंड ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवरों में 327 रन बना डाले। उस समय के हिसाब से ये बहुत बड़ा स्कोर था। आयरलैंड जैसी टीम के लिए इतने बड़े टोटल का पीछा करना नामुमकिन सा लग रहा था। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में रन बनाए थे। बैंगलोर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में मौजूद दर्शक भी ये मान चुके थे कि इंग्लैंड ये मैच आसानी से जीत जाएगा।
आयरलैंड की खराब शुरुआत
जब आयरलैंड की टीम बैटिंग करने उतरी तो उनकी शुरुआत बहुत ही खराब रही। पहली ही गेंद पर आयरलैंड का पहला विकेट गिर गया। इसके बाद भी विकेट गिरने का सिलसिला थमा नहीं। देखते ही देखते स्कोर 106 रन पर 4 विकेट हो गया। आयरलैंड के आधे बड़े खिलाड़ी पवेलियन लौट चुके थे। ऐसा लग रहा था कि आयरलैंड की टीम बहुत जल्दी आउट हो जाएगी और इंग्लैंड एक बड़ी जीत दर्ज करेगा।
गुलाबी बालों वाले हीरो की एंट्री
मुश्किल की इस घड़ी में मैदान पर कदम रखा केविन ओ ब्रायन ने। केविन के बाल उस समय गुलाबी रंग के थे। उन्होंने आते ही ये साफ कर दिया कि वो हार मानने वाले नहीं है। केविन ने पहली ही गेंद से आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों को संभलने का मौका ही नहीं दिया।
इंग्लैंड की गेंदबाजी
केविन ने मैदान पर चौकों और छक्कों की बरसात कर दी। उन्होंने इंग्लैंड के हर गेंदबाज की जमकर धुलाई की। चाहे स्पिनर हो या तेज गेंदबाज, केविन ने सबको आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपनी पारी में 16 चौके और 6 छक्के लगाए। उनकी बैटिंग इतनी निडर थी कि इंग्लैंड के कप्तान और खिलाड़ी भी हैरान रह गए। केविन ने सिर्फ 50 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया। ये उस समय वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे तेज शतक था।
सबसे तेज शतक
केविन की ये पारी सिर्फ रनों के बारे में नहीं थी बल्कि उनके जज्बे के बारे में थी। उन्होंने कुल 63 गेंदों में 113 रन बनाए। उनकी इस पारी ने मैच का पूरा रुख ही पलट दिया। जो मैच पूरी तरह से इंग्लैंड की मुट्ठी में लग रहा था, वो अब आयरलैंड की तरफ झुक गया था। केविन ने साबित कर दिया कि अगर आपमें हिम्मत है, तो आप बड़े से बड़े लक्ष्य को भी हासिल कर सकते हैं।
आयरलैंड की शानदार जीत
केविन ओ ब्रायन के आउट होने के बाद भी आयरलैंड के बाकी खिलाड़ियों ने अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी। एलेक्स कुसैक और जॉन मूनी ने शानदार बैटिंग करते हुए टीम को जीत के करीब पहुंचाया। आखिरी ओवरों में मैच बहुत रोमांचक हो गया था। आयरलैंड ने 328 रनों का लक्ष्य 5 गेंदें रहते ही हासिल कर लिया। ये क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक था। आयरलैंड ने अपने पुराने दुश्मन इंग्लैंड को हराकर दुनिया को बता दिया कि क्रिकेट में कुछ भी नामुमकिन नहीं है।
कभी न भूलने वाली कहानी
मैच खत्म होने के बाद पूरी दुनिया में केविन ओ ब्रायन के नाम की चर्चा होने लगी। उनकी उस पारी ने आयरलैंड के क्रिकेट को एक नई पहचान दी। आज भी जब वर्ल्ड कप के यादगार मैचों की बात होती है, तो बैंगलोर का वो मैच और केविन के वो गुलाबी बाल सबको याद आते हैं।