बांग्लादेश क्रिकेट के इतिहास में जब भी भरोसेमंद खिलाड़ियों की बात होती है, तो महमूदुल्लाह रियाद का नाम जरूर लिया जाता है। 4 फरवरी 1986 को जन्मे महमूदुल्लाह ने अपने खेल से न सिर्फ बांग्लादेश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों का दिल भी जीता। उनके करियर की कहानी संघर्ष, मेहनत और फिर सफलता के शिखर पर पहुंचने की है।
विदेशी जमीन पर पहली जीत
महमूदुल्लाह ने अपने करियर की एक बड़ी उपलब्धि साल 2009 में हासिल की। किंग्सटाउन में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने गेंद से कमाल कर दिया। उन्होंने उस मैच में कुल 8 विकेट चटकाए, जिसकी मदद से बांग्लादेश ने विदेशी धरती पर अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की। हालांकि उस वक्त वेस्टइंडीज की टीम में बड़े खिलाड़ी शामिल नहीं थे, लेकिन बांग्लादेश के लिए ये जीत किसी सपने से कम नहीं थी।
टीम की कप्तानी और जिम्मेदारी
महमूदुल्लाह की काबिलियत को देखते हुए साल 2011 में उन्हें बांग्लादेश क्रिकेट टीम का उप-कप्तान बनाया गया था। उन्होंने मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हुए टीम को कई बार मुशकिल चुनौतियों से निकाला। साल 2012 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली जीत में भी उनकी अहम भूमिका रही। महमूदुल्लाह धीरे-धीरे टीम के प्रमुख खिलाड़ी बन गए थे।
2015 वर्ल्ड कप का यादगार सफर
साल 2014 के आखिर से महमूदुल्लाह के बल्ले ने आग उगलनी शुरू कर दी, जिसने क्रिकेट प्रेमियो का ध्यान अपनी ओर खींचा। पांच महीनों तक वनडे क्रिकेट में उनका एवरेज लगभग 78 का रहा। इस शानदार फॉर्म का सबसे बड़ा फायदा उन्हे 2015 के वर्ल्ड कप में मिला। उन्होंने इस टूर्नामेंट में दो लगातार शतक लगाए। पहला शतक इंग्लैंड के खिलाफ आया, जिसने बांग्लादेश को जीत दिलाई और दूसरा न्यूजीलैंड के खिलाफ। इन शतकों की बदौलत बांग्लादेश पहली बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में पहुंची।
टेस्ट क्रिकेट से विदाई
सिर्फ वनडे ही नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने हैमिल्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ बेहतरीन शतक जड़ा था। उनके टेस्ट करियर का सबसे यादगार पल 2021 में आया, जब उन्होंने हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ 150 रनों की शानदार पारी खेली। ये उनके करियर का सबसे बड़ा स्कोर था। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इसी मैच के बाद उन्होंने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर लिया।
टी20 में कप्तानी का दौर
2019 से 2021 के बीच महमूदुल्लाह ने टी20 टीम की कप्तानी संभाली। उनकी कप्तानी में बांग्लादेश ने अपने घर में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी दिग्गज टीमों को हराया। साथ ही जिम्बाब्वे के खिलाफ भी जीत दर्ज की। हालांकि बीच में खराब फॉर्म की वजह से उन्हें 2022 के टी20 वर्ल्ड कप की टीम से बाहर कर दिया गया था।
भारत के खिलाफ यादगार पारी
महमूदुल्लाह ने बार-बार साबित किया कि वह मैच की आखरी गेंद तक हार नहीं मानते। दिसंबर 2022 में भारत के खिलाफ एक वनडे मैच में जब बांग्लादेश की टीम सिर्फ 69 रन पर 6 विकेट खो चुकी थी, तब उन्होंने मेहदी हसन मिराज के साथ मिलकर शतकीय साझेदारी की थी। उनकी इस पारी ने न सिर्फ टीम को संभाला बल्कि सीरीज जीतने में भी बड़ी मदद की। आज भी उनके फैंस उनके इन यादगार लम्हों को याद करते है।