On This Day: क्या हुआ था जब लॉर्ड्स टेस्ट में पकड़ी गई थी नो-बॉल की फिक्सिंग
साल 2011 क्रिकेट की दुनिया के लिए काफी हलचल भरा रहा। आईसीसी के एक ट्रिब्यूनल ने पाकिस्तान के तीन मुख्य खिलाड़ियों सलमान बट, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ को स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में दोषी पाया। इन तीनों पर 2010 में लॉर्ड्स में हुए टेस्ट मैच के दौरान स्पॉट फिक्सिंग करने के आरोप थे। जांच के बाद आईसीसी ने इन पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया। सलमान बट को दस साल, मोहम्मद आसिफ को सात साल और मोहम्मद आमिर को पांच साल की सज़ा सुनाई गई। हालांकि बट और आसिफ की सज़ा में कुछ हिस्सा निलंबित रखा गया था लेकिन क्रिकेट के मैदान से इनकी दूरी तय हो गई थी।
अदालत का फैसला और जेल
सिर्फ खेल के मैदान पर बैन ही इन खिलाड़ियों की मुश्किलों का अंत नहीं थी। नवंबर 2011 में लंदन की एक अदालत ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने तीनों खिलाड़ियों को जेल की सज़ा दी। सलमान बट को ढाई साल की जेल हुई जबकि मोहम्मद आसिफ को एक साल और मोहम्मद आमिर को छह महीने की सज़ा मिली। इन तीनों के अलावा खिलाड़ी एजेंट मज़हर मजीद को भी दो साल और आठ महीने के लिए जेल भेजा गया। मजीद ही वो शख्स था जो टेप पर नो-बॉल फेंकने के बारे में बात करते हुए पकड़ा गया था।जेल से रिहाई और संघर्ष
मोहम्मद आमिर की उम्र उस समय कम थी। उन्हें पोर्टलैंड यंग ऑफेंडर्स इंस्टीट्यूशन में रखा गया था। करीब तीन महीने वहां बिताने के बाद साल 2012 की शुरुआत में मोहम्मद आमिर को रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आने के बाद भी आमिर पर लगा क्रिकेट का बैन जारी रहा। बाकी दोनों खिलाड़ी भी अपनी सज़ा काट रहे थे। वो समय पाकिस्तान क्रिकेट के लिए काफी शर्मनाक माना गया क्योंकि उनके तीन उभरते और दिग्गज खिलाड़ी एक साथ खेल से बाहर हो गए थे।मैदान पर वापसी की राह
जनवरी 2015 में मोहम्मद आमिर के लिए अच्छी खबर आई। आईसीसी ने आमिर को उनके बैन की समय सीमा खत्म होने से आठ महीने पहले ही डोमेस्टिकक्रिकेट खेलने की इजाज़त दे दी। इसके बाद उन्होंने कराची की एक टीम की तरफ से ग्रेड टू क्रिकेट खेलना शुरू किया। आमिर की किस्मत ने उनका साथ दिया और सज़ा खत्म होने के ठीक एक साल बाद ही वे फिर से पाकिस्तान की नेशनल टीम के लिए खेलते हुए दिखाई दिए।बाकी खिलाड़ियों का क्या हुआ
आमिर के मुकाबले सलमान बट और मोहम्मद आसिफ की राह उतनी आसान नहीं रही। हालांकि दोनों ही खिलाड़ियो ने भी अपनी सज़ा के खिलाफ अपील की थी, लेकिन उन्हें आमिर की तरह जल्दी राहत नहीं मिली। जब आमिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी कर चुके थे तब बट और आसिफ सिर्फ घरेलू क्रिकेट में ही वापस लौट पाए थे। इस पूरे मामले ने दुनिया को दिखाया कि खेल में गलत रास्ता चुनना किसी भी चमकते करियर को कैसे तबाह कर सकता है।Next Story