ODI World Cup 2027: क्या रोहित शर्मा और जडेजा का सफर हुआ खत्म? भारतीय टीम में होने जा रहे हैं ये 4 बड़े बदलाव
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम इंडिया के भविष्य को लेकर खेल के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में मिली 1-2 की हार ने चयनकर्ताओं को कड़े फैसले लेने पर मजबूर कर दिया है। चर्चा है कि भारतीय वनडे टीम में एक बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है, जिसमें रोहित शर्मा सहित चार दिग्गज खिलाड़ियों की जगह पर खतरा मंडरा रहा है।
यहाँ इस बदलाव की पूरी तस्वीर और उन खिलाड़ियों के बारे में विस्तार से बताया गया है जिनका पत्ता कट सकता है।
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज ओपनर रोहित शर्मा के लिए पिछला कुछ समय उतार चढ़ाव भरा रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में रोहित का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा, जहां उन्होंने तीन पारियों में महज 61 रन बनाए। 38 साल की उम्र में रोहित की फिटनेस और उनके 'हंगर' पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि कप्तान शुभमन गिल ने उनका बचाव किया है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार चयन समिति भविष्य की ओर देख रही है। चूंकि रोहित अब केवल वनडे फॉर्मेट में सक्रिय हैं, ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट किसी युवा चेहरे को मौका देने पर विचार कर सकता है।
केवल रोहित ही नहीं, बल्कि तीन अन्य अनुभवी खिलाड़ी भी खराब फॉर्म और टीम संतुलन के कारण रडार पर हैं:
रवींद्र जडेजा: दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडरों में शुमार जडेजा पिछले कुछ वनडे मैचों में न तो गेंद से और न ही बल्ले से प्रभावी नजर आए हैं। न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान वह तीन मैचों में एक भी विकेट नहीं ले सके और निर्णायक मैच में भी टीम को संकट से नहीं निकाल पाए। वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल जैसे विकल्पों की मौजूदगी में जडेजा की जगह अब पक्की नहीं मानी जा रही।
प्रसिद्ध कृष्णा: तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को मोहम्मद शमी के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन उनकी चोट और हालिया मैचों में महंगे साबित होने की आदत ने चयनकर्ताओं को निराश किया है। अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे युवा गेंदबाजों के उभार ने उनके लिए मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
नीतीश कुमार रेड्डी: हार्दिक पांड्या के विकल्प के रूप में तैयार किए जा रहे नीतीश कुमार रेड्डी ने प्रतिभा तो दिखाई है, लेकिन निरंतरता की कमी उनके खिलाफ जा रही है। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि हार्दिक के पूरी तरह फिट होने पर नीतीश को घरेलू क्रिकेट में वापस जाकर अपनी धार तेज करनी चाहिए।
बीसीसीआई के नए कॉन्ट्रैक्ट और भविष्य की रणनीति
सिर्फ टीम सेलेक्शन ही नहीं, बल्कि बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में भी बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। बोर्ड 'ए+' श्रेणी को खत्म करने पर विचार कर रहा है, जिसका सीधा असर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों पर पड़ेगा। नए मॉडल के तहत खिलाड़ियों को उनकी प्रतिष्ठा के बजाय उनके सक्रिय फॉर्मेट और वर्कलोड के आधार पर ग्रेडिंग दी जाएगी।
भारत का अगला वनडे मिशन जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ है। उससे पहले आईपीएल 2026 इन खिलाड़ियों के लिए अपनी साख बचाने का आखिरी मौका साबित हो सकता है। चयनकर्ताओं का संदेश साफ है: टीम इंडिया में नाम से ज्यादा अब काम बोलेगा।
यहाँ इस बदलाव की पूरी तस्वीर और उन खिलाड़ियों के बारे में विस्तार से बताया गया है जिनका पत्ता कट सकता है।
क्या रोहित शर्मा का वनडे करियर बदलाव के मुहाने पर है?
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज ओपनर रोहित शर्मा के लिए पिछला कुछ समय उतार चढ़ाव भरा रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में रोहित का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा, जहां उन्होंने तीन पारियों में महज 61 रन बनाए। 38 साल की उम्र में रोहित की फिटनेस और उनके 'हंगर' पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि कप्तान शुभमन गिल ने उनका बचाव किया है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार चयन समिति भविष्य की ओर देख रही है। चूंकि रोहित अब केवल वनडे फॉर्मेट में सक्रिय हैं, ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट किसी युवा चेहरे को मौका देने पर विचार कर सकता है।
इन तीन अन्य खिलाड़ियों पर भी गिरी गाज
केवल रोहित ही नहीं, बल्कि तीन अन्य अनुभवी खिलाड़ी भी खराब फॉर्म और टीम संतुलन के कारण रडार पर हैं:
रवींद्र जडेजा: दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडरों में शुमार जडेजा पिछले कुछ वनडे मैचों में न तो गेंद से और न ही बल्ले से प्रभावी नजर आए हैं। न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान वह तीन मैचों में एक भी विकेट नहीं ले सके और निर्णायक मैच में भी टीम को संकट से नहीं निकाल पाए। वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल जैसे विकल्पों की मौजूदगी में जडेजा की जगह अब पक्की नहीं मानी जा रही।
प्रसिद्ध कृष्णा: तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को मोहम्मद शमी के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन उनकी चोट और हालिया मैचों में महंगे साबित होने की आदत ने चयनकर्ताओं को निराश किया है। अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे युवा गेंदबाजों के उभार ने उनके लिए मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
नीतीश कुमार रेड्डी: हार्दिक पांड्या के विकल्प के रूप में तैयार किए जा रहे नीतीश कुमार रेड्डी ने प्रतिभा तो दिखाई है, लेकिन निरंतरता की कमी उनके खिलाफ जा रही है। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि हार्दिक के पूरी तरह फिट होने पर नीतीश को घरेलू क्रिकेट में वापस जाकर अपनी धार तेज करनी चाहिए।
बीसीसीआई के नए कॉन्ट्रैक्ट और भविष्य की रणनीति
सिर्फ टीम सेलेक्शन ही नहीं, बल्कि बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में भी बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। बोर्ड 'ए+' श्रेणी को खत्म करने पर विचार कर रहा है, जिसका सीधा असर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों पर पड़ेगा। नए मॉडल के तहत खिलाड़ियों को उनकी प्रतिष्ठा के बजाय उनके सक्रिय फॉर्मेट और वर्कलोड के आधार पर ग्रेडिंग दी जाएगी। भारत का अगला वनडे मिशन जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ है। उससे पहले आईपीएल 2026 इन खिलाड़ियों के लिए अपनी साख बचाने का आखिरी मौका साबित हो सकता है। चयनकर्ताओं का संदेश साफ है: टीम इंडिया में नाम से ज्यादा अब काम बोलेगा।
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