शिखा पांडे: इंजीनियर की डिग्री, वायु सेना से खास नाता, दो विश्व कप फाइनल में रहीं भारतीय टीम का हिस्सा
नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। इंजीनियर की डिग्री, वायसुना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट की पोस्ट और फिर क्रिकेट के मैदान पर बनाई अपनी तेज गेंदबाजी से अलग पहचान। भारतीय टीम की स्टार खिलाड़ी शिखा पांडे ने एक जिंदगी में अपने कई सपनों को पूरा किया है। शिखा साल 2017 में हुए महिला वनडे विश्व कप में फाइनल तक का सफर तय करने वाली टीम का हिस्सा भी रहीं।
शिखा का जन्म 12 मई, 1989 को आंध्र प्रदेश (अब तेलंगाना) के करीमनगर जिले के रामागुंडम में हुआ।
क्रिकेट में अपनी पहचान बनाते हुए साल 2010 में शिखा ने गोवा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की।
इसके बाद उन्हें कई बड़ी कंपनियों से नौकरी से ऑफर आए, लेकिन उन्होंने इन सभी ऑफर्स को सिर्फ इसलिए ठुकरा दिया, क्योंकि वह अपना पूरा ध्यान क्रिकेट पर लगाना चाहती थीं। साल 2011 में शिखा ने वायुसेना को जॉइन किया लेकिन क्रिकेटर बनने की चाहत और उसके लिए लगातार प्रयास जारी रहे।साल 2014 में शिखा का सपना साकार हुआ जब बांग्लादेश के खिलाफ उन्हें अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने का मौका मिला। डेब्यू मैच में शिखा अपनी गेंदबाजी से प्रभावित करने में सफल भी रहीं। इसके बाद इसी साल शिखा ने भारत के लिए वनडे और टेस्ट में भी अपना डेब्यू किया।
टी20 विश्व कप 2020 में भी शिखा ने अपनी गेंदबाजी से खासा प्रभावित किया और टूर्नामेंट में खेले 5 मुकाबलों में 7 विकेट निकाले। इस वर्ल्ड कप में शिखा का इकोनॉमी महज 6.85 का रहा और उन्होंने भारतीय टीम को फाइनल का टिकट दिलाने में अहम भूमिका निभाई। शिखा इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाली पहली वायुसेना अधिकारी भी बनीं।
दिलीप सरदेसाई के बाद शिखा गोवा की ओर से भारतीय नेशनल टीम के लिए खेलने वाली पहली क्रिकेटर बनीं। शिखा भारत की ओर से अब तक 3 टेस्ट, 55 वनडे और 62 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुकी हैं। उन्होंने टेस्ट में 4, वनडे में 75 और टी20 इंटरनेशनल में 43 विकेट चटकाए हैं।
--आईएएनएस
एसएम/पीएम