'विश्व कप खेलने की उम्मीद एक साल पहले नहीं थी', दक्षिण अफ्रीका की कायला रेनेके ने लगातार मेहनत को सफलता मंत्र बताया
नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप का आगाज शुक्रवार से हो रहा है। पिछले कुछ समय से शानदार प्रदर्शन कर रही दक्षिण अफ्रीकी महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप में प्रबल दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका की युवा बल्लेबाजी ऑलराउंडर कायला रेनेके ने कहा है कि विश्व कप में एक शानदार प्रदर्शन किसी खिलाड़ी की पूरी जिंदगी बदल सकता है।
कायला रेनेके ने आईएएनएस से खास बातचीत में अपने करियर, संघर्ष, सफलता, टीम के माहौल और भविष्य के सपनों को लेकर खुलकर बात की।
रेनेके ने कहा, "कुछ महीनों के भीतर उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। अगर एक साल पहले किसी ने उनसे कहा होता कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलेंगी और विश्व कप जैसे बड़े मंच का हिस्सा बनेंगी, तो शायद वह इस पर यकीन नहीं करतीं। क्रिकेट में मौके तेजी से आते हैं और उतनी ही तेजी से परिस्थितियां बदल भी जाती हैं। इसलिए वह हर पल का आनंद लेने और इस सफर को पूरी तरह महसूस करने की कोशिश कर रही हैं।"
20 साल की रेनेके ने राष्ट्रीय टीम में अपने चयन पर कहा, "राष्ट्रीय टीम में चयन का क्षण उनके लिए बेहद खास रहा।
एक दिन अनजान नंबर से फोन आया। मैं उस समय नींद से उठी थीं और पूरी तरह तैयार भी नहीं थीं। फोन पर टीम के कोच थे, जिन्होंने बताया कि वह पाकिस्तान सीरीज के लिए दक्षिण अफ्रीकी टीम में चुनी गई हैं। यह खबर सुनकर मैं बेहद उत्साहित हुई। इससे पहले मैं घरेलू क्रिकेट और हाई-परफॉर्मेंस कैंप पर ध्यान केंद्रित कर रही थीं, लेकिन एक फोन कॉल ने मेरे करियर की दिशा ही बदल दी।"अपने खेल के बारे में बात करते हुए रेनेके ने कहा कि लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं कि दबाव के क्षणों में वह बड़े शॉट कैसे लगाती हैं, खासकर आखिरी गेंद पर छक्का लगाने जैसी स्थितियों में उनका आत्मविश्वास कहां से आता है।
इसके जवाब में, मैं कहती हूं कि इसमें कोई जादुई रहस्य नहीं है। अभ्यास के दौरान मैं खुद को लगातार दबाव वाली परिस्थितियों में रखती हूं। यदि किसी मैच में आखिरी गेंद पर छह रन की जरूरत पड़ सकती है, तो मैं नेट्स में भी उसी तरह की स्थिति बनाकर अभ्यास करती हूं। यही तैयारी मैच के दौरान मुझे शांत रखती है और आत्मविश्वासी बनाए रखती है।रेनेके ने कहा, "क्रिकेट में मानसिक मजबूती बेहद महत्वपूर्ण होती है। जब स्टेडियम में शोर हो और पूरा दबाव आप पर हो, तब खिलाड़ी को सिर्फ गेंद पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा, "क्रिकेट उतार-चढ़ाव का खेल है। एक दिन खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करता है और अगले दिन संघर्ष करना पड़ सकता है। इसलिए सफलता या असफलता में ज्यादा खोने की बजाय वर्तमान में रहना जरूरी है। लगातार मेहनत करते रहना ही क्रिकेट में आगे बढ़ने का सबसे बड़ा मंत्र है।"
रेनेके ने कहा, "राष्ट्रीय टीम के साथ समय बिताना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।
युवा खिलाड़ी ने कहा, "टीम के बाहर भी उनका अनुभव शानदार रहा है। साथियों के साथ कॉफी पीना, दौड़ने जाना और समय बिताना बहुत पसंद है। इससे टीम के भीतर आपसी समझ और दोस्ती मजबूत होती है, जो मैदान पर भी सकारात्मक प्रभाव डालती है।"
अपने शुरुआती दिनों का जिक्र करते हुए रेनेके ने कहा, "खेल करियर की शुरुआत काफी दिलचस्प रही। स्कूल के दिनों में, मैं सिर्फ क्रिकेट ही नहीं बल्कि हॉकी और जैवलिन थ्रो में भी सक्रिय थी। हालांकि, समय के साथ एक खेल चुनना पड़ा। जैवलिन में कई चोटों का सामना करना पड़ा था, जबकि क्रिकेट उन्हें ज्यादा अवसर और आनंद दे रहा था। ग्रेड 10 में उन्होंने क्रिकेट को अपने भविष्य के रूप में चुनने का फैसला किया।"
रेनेके ने बताया कि वह शुरुआत में तेज गेंदबाज थीं। जैवलिन और तेज गेंदबाजी के कारण उनकी कमर पर काफी दबाव पड़ता था और चोटें लगती थीं।
रेनेके ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोचों को देते हुए कहा, "बचपन से उनके साथ काम करने वाली कोच क्लेयर डे ब्लांच और बाद में अंडर-19 स्तर पर मार्गदर्शन देने वाले कोच दिनेश ने उनके खेल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अनुसार, दोनों कोच क्रिकेट की गहरी समझ रखते हैं और हमेशा खिलाड़ियों को बेहतर बनने के लिए प्रेरित करते हैं।"
ट्रेनिंग को लेकर रेनेके दृष्टिकोण भी बेहद स्पष्ट है। उनका मानना है कि अभ्यास का हर सत्र किसी उद्देश्य के साथ होना चाहिए। केवल गेंदें खेलना या गेंदबाजी करना पर्याप्त नहीं है। खिलाड़ी को यह पता होना चाहिए कि वह किस कौशल पर काम कर रहा है और उस सत्र से क्या हासिल करना चाहता है। यही सोच उन्हें लगातार बेहतर बनने के लिए प्रेरित करती है।
आखिर में उन्होंने कहा कि क्रिकेट सिर्फ उनका पेशा नहीं बल्कि उनका जुनून भी है। दुनिया घूमना, नए लोगों से मिलना और अपने पसंदीदा खेल को पेशे के रूप में जीना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है।
कायला ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 2 वनडे और 9 टी20 खेले हैं। वनडे में उनके नाम 51 रन और 2 विकेट, जबकि टी20 में 7 पारियों में 159 रन और 5 विकेट दर्ज हैं।
--आईएएनएस
पीएके