On This Day: किंग कोहली के बतौर कप्तान सबसे तेज 5000 रन, आज ही के दिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिखाई थी बादशाहत
इतिहास पर नजर डालने पर साल 2020 की यादें ताजा हो जाती हैं। तारीख थी 19 जनवरी और मैदान था बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम। भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मैदान में थी। यही वह दिन था जब विराट कोहली ने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ऐसा अध्याय जोड़ा जिसने उन्हें महानतम कप्तानों की श्रेणी में शीर्ष पर लाकर खड़ा कर दिया।
इसी दिन विराट कोहली ने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर कप्तान सबसे तेज 5,000 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया था। यह कारनामा उन्होंने उस समय के कई दिग्गज कप्तानों को पीछे छोड़ते हुए किया और दुनिया को दिखाया कि जिम्मेदारी का बोझ उन्हें झुकाता नहीं, बल्कि और निखारता है।
क्रिकेट विशेषज्ञ अक्सर मानते हैं कि कप्तानी का ताज काटों भरा होता है। इतिहास में कई ऐसे उदाहरण देखे गए हैं जहां कप्तानी का दबाव बड़े से बड़े बल्लेबाज के फॉर्म को प्रभावित कर गया। लेकिन विराट कोहली की कहानी एकदम अलग है। साल 2013 से लेकर 2022 तक जब उन्होंने भारतीय टीम की कमान संभाली, तो उनका प्रदर्शन और भी ज्यादा आक्रामक और निखर कर सामने आया।
विराट कोहली उन चुनिंदा खिलाड़ियों में गिने जाते हैं, जिन्होंने कप्तानी के दबाव को कभी अपनी बल्लेबाजी पर हावी नहीं होने दिया। इसके विपरीत, कप्तानी ने उन्हें और ज्यादा जिम्मेदार बल्लेबाज बना दिया। 19 जनवरी 2020 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई उनकी पारी और वह रिकॉर्ड इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
किंग कोहली के जबरदस्त आंकड़े
आंकड़ों की बात करें, तो एक कप्तान के रूप में विराट कोहली का सफर किसी मिसाल से कम नहीं रहा। बतौर कप्तान उन्होंने:
इस दौरान कुल 5,449 रन बनाए।
सबसे खास बात यह रही कि कप्तानी करते हुए उनके बल्ले से 21 शानदार शतक निकले।
ये आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं हैं, बल्कि यह उस मेहनत, अनुशासन और जुनून को दर्शाते हैं जो विराट कोहली मैदान पर लेकर उतरते हैं।
कमाल का लीडर
19 जनवरी को याद करते समय सिर्फ वह रिकॉर्ड ही जहन में नहीं आता, बल्कि वह जज्बा भी याद आता है जो विराट ने भारतीय टीम में भरा था। उन्होंने टीम इंडिया को विदेशों में जीतना सिखाया और अपनी बल्लेबाजी से आगे बढ़कर नेतृत्व किया।
विराट कोहली का करियर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक पाठशाला के समान है। 19 जनवरी का दिन हमेशा याद दिलाता रहेगा कि यदि हुनर और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी जिम्मेदारी रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती। विराट कोहली भारतीय क्रिकेट के वह 'किंग' हैं जिनका प्रभाव खेल प्रेमियों के दिलों पर हमेशा कायम रहेगा।
इसी दिन विराट कोहली ने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर कप्तान सबसे तेज 5,000 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया था। यह कारनामा उन्होंने उस समय के कई दिग्गज कप्तानों को पीछे छोड़ते हुए किया और दुनिया को दिखाया कि जिम्मेदारी का बोझ उन्हें झुकाता नहीं, बल्कि और निखारता है।
विराट का प्रदर्शन
क्रिकेट विशेषज्ञ अक्सर मानते हैं कि कप्तानी का ताज काटों भरा होता है। इतिहास में कई ऐसे उदाहरण देखे गए हैं जहां कप्तानी का दबाव बड़े से बड़े बल्लेबाज के फॉर्म को प्रभावित कर गया। लेकिन विराट कोहली की कहानी एकदम अलग है। साल 2013 से लेकर 2022 तक जब उन्होंने भारतीय टीम की कमान संभाली, तो उनका प्रदर्शन और भी ज्यादा आक्रामक और निखर कर सामने आया।
विराट कोहली उन चुनिंदा खिलाड़ियों में गिने जाते हैं, जिन्होंने कप्तानी के दबाव को कभी अपनी बल्लेबाजी पर हावी नहीं होने दिया। इसके विपरीत, कप्तानी ने उन्हें और ज्यादा जिम्मेदार बल्लेबाज बना दिया। 19 जनवरी 2020 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई उनकी पारी और वह रिकॉर्ड इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
किंग कोहली के जबरदस्त आंकड़े
आंकड़ों की बात करें, तो एक कप्तान के रूप में विराट कोहली का सफर किसी मिसाल से कम नहीं रहा। बतौर कप्तान उन्होंने: - 95 वनडे मैच खेले।
- इन मैचों की 91 पारियों में बल्लेबाजी की।
कमाल का लीडर
19 जनवरी को याद करते समय सिर्फ वह रिकॉर्ड ही जहन में नहीं आता, बल्कि वह जज्बा भी याद आता है जो विराट ने भारतीय टीम में भरा था। उन्होंने टीम इंडिया को विदेशों में जीतना सिखाया और अपनी बल्लेबाजी से आगे बढ़कर नेतृत्व किया।विराट कोहली का करियर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक पाठशाला के समान है। 19 जनवरी का दिन हमेशा याद दिलाता रहेगा कि यदि हुनर और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी जिम्मेदारी रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती। विराट कोहली भारतीय क्रिकेट के वह 'किंग' हैं जिनका प्रभाव खेल प्रेमियों के दिलों पर हमेशा कायम रहेगा।
Next Story