AI Impact Summit 2026: भारत मंडपम में दिखा AI का जलवा, ये 5 इनोवेशन बने चर्चा का विषय

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उन पहलुओं को दुनिया के सामने रखा गया, जो अब केवल कागजों या प्रोटोटाइप तक सीमित नहीं हैं। एआई का यह महाकुंभ न केवल तकनीक के शौकीनों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी भविष्य की एक जादुई खिड़की की तरह साबित हुआ।
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समिट में वैसे तो सैकड़ों इनोवेशन देखने को मिले, लेकिन 5 ऐसे बड़े आविष्कारों ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, जिन्होंने तकनीक और इंसान के बीच के फासले को कम कर दिया है।

1. रिलायंस जियो का 'होलोट्यूब' और डिजिटल अवतार

समिट में सबसे ज्यादा भीड़ रिलायंस जियो के स्टॉल पर देखी गई। यहाँ 'होलोट्यूब' तकनीक के जरिए भगवान कृष्ण और भगवान विष्णु के डिजिटल अवतारों को होलोग्राम के रूप में पेश किया गया। यह सिर्फ एक विजुअल अनुभव नहीं था, बल्कि एआई की मदद से लोग गीता से जुड़े सवाल पूछ रहे थे और उनके उत्तर पा रहे थे। तकनीक और आस्था का यह अनोखा संगम लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना।


2. गूगल का एआई क्रिकेट कोच

भारत में क्रिकेट के प्रति दीवानगी को देखते हुए गूगल ने एक बेहद खास 'AI क्रिकेट कोच' पेश किया है। यह टूल खिलाड़ी के बैटिंग वीडियो का बारीकी से विश्लेषण करता है और रियल-टाइम में उनके स्टांस, फुटवर्क और टाइमिंग में सुधार के सुझाव देता है। अब छोटे शहरों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी हाई-टेक कोचिंग के लिए महंगे सेंटर्स की जरूरत नहीं होगी, उनका मोबाइल ही उनका कोच बनेगा।

3. टीसीएस (TCS) की स्मार्ट कार

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने अपनी अत्याधुनिक स्मार्ट कार का प्रदर्शन किया, जिसे भारत की 'टेस्ला जैसी' तकनीक के रूप में देखा जा रहा है। यह कार न केवल खुद चलने (Autonomous) में सक्षम है, बल्कि इसमें भारतीय सड़कों और ट्रैफिक की परिस्थितियों के हिसाब से खास एआई मॉडल फिट किए गए हैं। यह भविष्य की सुरक्षित और स्मार्ट मोबिलिटी की एक बड़ी झलक है।


4. इंजीनियरिंग दिमाग वाला रोबोट कुत्ता

समिट में एक चार पैरों वाला रोबोट (Quadruped Robot) सबका मन मोह रहा था, जो बिल्कुल किसी कुत्ते की तरह चलता है लेकिन उसका दिमाग किसी कुशल इंजीनियर जैसा है। यह रोबोट मलबे के बीच रास्ता बना सकता है, सीढ़ियां चढ़ सकता है और बिना किसी मानवीय मदद के मशीनों की खराबियां पहचान कर उन्हें ठीक करने का सुझाव दे सकता है। इसे आपदा प्रबंधन और मुश्किल औद्योगिक क्षेत्रों के लिए तैयार किया गया है।

5. बहुभाषी एआई (Multilingual AI) और भारतीय भाषा मॉडल

इस बार की सबसे बड़ी उपलब्धि रही एआई का 'देसी' होना। समिट में ऐसे कई एआई टूल्स दिखाए गए जो भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं को समझते और उनमें संवाद कर सकते हैं। अब दूरदराज के गांवों में बैठा किसान अपनी भाषा में एआई से खेती की सलाह ले सकता है या छोटा व्यापारी अपना अकाउंटिंग काम कर सकता है। इसने एआई के क्षेत्र में भाषा की दीवार को पूरी तरह तोड़ दिया है।

भविष्य की ओर एक मजबूत कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस एक्सपो के दौरान स्टार्टअप्स और युवा इनोवेटर्स से बात की और उनके जज्बे को सराहा। एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने यह साफ कर दिया है कि एआई अब केवल चैटबॉट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे खेतों, अस्पतालों, सड़कों और खेल के मैदानों तक पहुँच चुका है। यह तकनीक अब इंसानी जीवन को सरल बनाने और नई संभावनाओं के द्वार खोलने के लिए तैयार है।