Bluetooth connectivity facts: क्या ब्लूटूथ वाकई आपके फोन की बैटरी खत्म कर रहा है
आजकल स्मार्टफोन का उपयोग केवल कॉल करने तक सीमित नहीं रह गया है। स्मार्टवॉच, वायरलेस ईयरबड्स और कार इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ ब्लूटूथ एक अनिवार्य फीचर बन चुका है। अक्सर लोग बैटरी बचाने के चक्कर में ब्लूटूथ को तुरंत बंद कर देते हैं। हालांकि, तकनीक अब काफी बदल चुकी है। पुराने समय की तुलना में वर्तमान ब्लूटूथ वर्जन बहुत अधिक एडवांस और पावर-एफिशिएंट हो गए हैं।

अंत में यह स्पष्ट है कि ब्लूटूथ अब वह "बैटरी ईटर" नहीं रहा जो वह एक दशक पहले हुआ करता था। सामान्य उपयोग में यह फोन की लाइफ को बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं करता है। अपनी सुविधा के अनुसार इसका उपयोग करना और अनावश्यक सक्रिय कनेक्शनों को हटाकर रखना ही सबसे बेहतर रणनीति है।
BLE टेक्नोलॉजी का कमाल
आधुनिक स्मार्टफोन्स में 'ब्लूटूथ लो एनर्जी' यानी BLE तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। यह तकनीक विशेष रूप से बिजली की खपत को कम करने के लिए डिजाइन की गई है। जब फोन किसी डिवाइस से कनेक्ट नहीं होता, तो ब्लूटूथ बैकग्राउंड में सक्रिय रहने के बावजूद न के बराबर ऊर्जा खर्च करता है। शोध और टेस्टिंग के अनुसार, अगर पूरे दिन ब्लूटूथ ऑन रहे और वह किसी सक्रिय कनेक्शन में न हो, तो यह कुल बैटरी का मुश्किल से 1 से 3 प्रतिशत ही खर्च करता है।पावर की खपत
बैटरी की खपत तब शुरू होती है जब ब्लूटूथ सक्रिय रूप से डेटा ट्रांसफर करता है। उदाहरण के लिए, जब वायरलेस हेडफोन पर संगीत सुना जाता है या स्मार्टवॉच के जरिए नोटिफिकेशन सिंक होते हैं, तब ऊर्जा का उपयोग बढ़ जाता है। लगातार एक घंटे तक म्यूजिक स्ट्रीमिंग करने पर बैटरी में लगभग 4 से 6 प्रतिशत तक की गिरावट देखी जा सकती है। यह खपत मोबाइल डेटा या हाई-ब्राइटनेस स्क्रीन के मुकाबले अभी भी बहुत कम है।पुराने बनाम नए स्मार्टफोन्स
बैटरी ड्रेन की समस्या अक्सर उन स्मार्टफोन्स में ज्यादा देखी जाती है जो काफी पुराने हैं। पुराने हार्डवेयर और पुराने ब्लूटूथ वर्जन जैसे 4.0 से नीचे में पावर मैनेजमेंट उतना प्रभावी नहीं होता था। यदि फोन नया है और उसमें ब्लूटूथ 5.0 या उससे ऊपर का वर्जन है, तो ब्लूटूथ को ऑन छोड़ने से बैटरी पर कोई खास नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।बैटरी बचाने के तरीके
ब्लूटूथ का कुशलता से उपयोग करने के लिए कुछ छोटी सावधानियां बरती जा सकती हैं। यदि किसी ब्लूटूथ डिवाइस का उपयोग नहीं हो रहा है, तो उसे मैन्युअल रूप से डिस्कनेक्ट करना एक अच्छा विकल्प है। फोन और एक्सेसरीज के सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेट रखना चाहिए क्योंकि डेवलपर्स अक्सर पावर ऑप्टिमाइज़ेशन के लिए नए पैच जारी करते रहते हैं।अंत में यह स्पष्ट है कि ब्लूटूथ अब वह "बैटरी ईटर" नहीं रहा जो वह एक दशक पहले हुआ करता था। सामान्य उपयोग में यह फोन की लाइफ को बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं करता है। अपनी सुविधा के अनुसार इसका उपयोग करना और अनावश्यक सक्रिय कनेक्शनों को हटाकर रखना ही सबसे बेहतर रणनीति है।
Next Story