Elon Musk को बड़ा झटका! मोबाइल यूजर्स के मामले में इस ऐप ने X को पछाड़ा
मार्केट इंटेलिजेंस फर्म सिमिलरवेब द्वारा जारी किए गए नए डेटा ने तकनीकी दुनिया में हलचल मचा दी है। इन आंकड़ों से साफ होता है कि मोबाइल डिवािसेज पर डेली एक्टिव यूजर्स के मामले में थ्रेड्स अब X से आगे निकल चुका है। हालांकि, वेब यानी डेस्कटॉप वर्जन पर अभी भी X का दबदबा कायम है और वहां उसके पास थ्रेड्स की तुलना में ज्यादा ऑडियंस मौजूद है। लेकिन आज के दौर में जब ज्यादातर इंटरनेट ट्रैफिक मोबाइल से आता है, वहां पिछड़ना X के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
यह अंतर केवल कुछ दिनों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह एक लंबे समय से चल रहे ट्रेंड का हिस्सा है। रिपोर्ट बताती है कि महीनों की लगातार ग्रोथ के बाद थ्रेड्स ने यह मुकाम हासिल किया है। यह बदलाव X से जुड़े हालिया विवादों के कारण आई किसी अचानक बढ़ोतरी का नतीजा नहीं है, बल्कि यह यूजर्स की बदलती पसंद को दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी अपडेट्स मिलकर मोबाइल पर यूजर्स की आदत को बदल रहे हैं। लोग अब न सिर्फ थ्रेड्स पर आ रहे हैं, बल्कि वहां समय भी बिता रहे हैं।
किसके पास हैं कितने यूजर्स?
आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति और भी स्पष्ट हो जाती है। 7 जनवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार, iOS और Android दोनों प्लेटफॉर्म्स को मिलाकर थ्रेड्स के पास लगभग 141.5 मिलियन (करीब 14.15 करोड़) डेली एक्टिव यूजर्स थे। वहीं दूसरी तरफ, मोबाइल डिवािसेज पर X के डेली एक्टिव यूजर्स की संख्या लगभग 125 मिलियन (करीब 12.5 करोड़) दर्ज की गई।यह अंतर केवल कुछ दिनों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह एक लंबे समय से चल रहे ट्रेंड का हिस्सा है। रिपोर्ट बताती है कि महीनों की लगातार ग्रोथ के बाद थ्रेड्स ने यह मुकाम हासिल किया है। यह बदलाव X से जुड़े हालिया विवादों के कारण आई किसी अचानक बढ़ोतरी का नतीजा नहीं है, बल्कि यह यूजर्स की बदलती पसंद को दर्शाता है।
थ्रेड्स की ग्रोथ
अक्सर यह माना जाता है कि X पर होने वाले विवादों या एलन मस्क के बयानों के कारण यूजर्स दूसरे प्लेटफॉर्म्स का रुख करते हैं। लेकिन डेटा कुछ और ही कहानी बयां करता है। सिमिलरवेब का डेटा संकेत देता है कि थ्रेड्स की मोबाइल ग्रोथ इन विवादित घटनाओं के तूल पकड़ने से पहले ही शुरू हो चुकी थी। इसका मतलब है कि यूजर्स केवल नाराजगी में नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म की उपयोगिता को देखते हुए थ्रेड्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं।मेटा की रणनीति
थ्रेड्स की इस सफलता के पीछे मेटा की सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है। थ्रेड्स को फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे विशाल प्लेटफॉर्म्स का जबरदस्त सपोर्ट मिल रहा है। इन ऐप्स पर थ्रेड्स का क्रॉस-प्रमोशन किया जाता है, जिससे करोड़ों इंस्टाग्राम यूजर्स आसानी से थ्रेड्स पर शिफ्ट हो जाते हैं। इसके अलावा, मेटा ने क्रिएटर्स पर अपना फोकस बढ़ाया है, जिससे अच्छा और एंगेजिंग कंटेंट प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो रहा है।नए फीचर्स ने बदली गेम
पिछले एक साल में थ्रेड्स ने अपने प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने के लिए कई शानदार फीचर्स जोड़े हैं, जिन्होंने यूजर्स को बांधे रखने में अहम भूमिका निभाई है। इनमें शामिल हैं:- बेहतर कंटेंट फिल्टर: यूजर्स अब अपनी पसंद के हिसाब से कंटेंट देख सकते हैं।
- इंटरेस्ट-बेस्ड कम्युनिटीज़: लोगों को उनकी रुचि के अनुसार समूहों से जुड़ने का मौका मिलता है।
- डायरेक्ट मैसेज: आपसी बातचीत के लिए यह फीचर बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ है।
- गायब होने वाला कंटेंट: प्राइवेसी पसंद करने वाले यूजर्स के लिए यह फीचर लाया गया है।
- लंबे पोस्ट का सपोर्ट: जो लोग अपनी बात विस्तार से कहना चाहते हैं, उनके लिए यह काफी उपयोगी है।
रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी अपडेट्स मिलकर मोबाइल पर यूजर्स की आदत को बदल रहे हैं। लोग अब न सिर्फ थ्रेड्स पर आ रहे हैं, बल्कि वहां समय भी बिता रहे हैं।
भविष्य की राह
भले ही वेब पर X अभी भी मजबूत स्थिति में है, लेकिन मोबाइल यूजर्स का थ्रेड्स की ओर बढ़ता झुकाव यह बताता है कि सोशल मीडिया का राजा कौन होगा, इसकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। एलन मस्क के लिए यह आत्ममंथन का समय है कि कैसे वे अपने मोबाइल यूजर बेस को दोबारा बढ़ा सकते हैं, जबकि मार्क जुकरबर्ग के लिए चुनौती इस बढ़त को बनाए रखने की होगी। आने वाला समय ही बताएगा कि सोशल मीडिया के इस कुरुक्षेत्र में अंतिम जीत किसकी होती है।Next Story