Hidden Camera Detection: बिना किसी गैजेट के सिर्फ फोन से खोजें छिपा हुआ कैमरा
दुनिया भर में एकोमोडेशन सुविधाओं में हिडन कैमरे मिलने की रिपोर्ट्स बढ़ी हैं। स्मोक डिटेक्टर, फोटो फ्रेम, फोन चार्जर, दीवार के सॉकेट और यहां तक कि अलार्म घड़ियों जैसी साधारण दिखने वाली चीजों में भी कैमरे छिपे हो सकते हैं। हालांकि, एयरबीएनबी जैसे प्लेटफॉर्म्स ने 2 यात्रियों की सुरक्षा के लिए इनडोर कैमरों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, फिर भी नियमों का उल्लंघन होने की संभावना बनी रहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पैनिक होने या घबराने की जरूरत नहीं है, बस थोड़ी सी सावधानी और निरीक्षण से सुरक्षित रहा जा सकता है।
इसे चेक करने के लिए टीवी रिमोट का बटन दबाकर फोन के कैमरे से देखा जा सकता है, जिससे लाइट जलती हुई दिखेगी। इसी तरह पूरे कमरे, विशेषकर बाथरूम, स्मोक डिटेक्टर, लैंप और वेंटिलेशन वाले हिस्सों को फोन के कैमरे से स्कैन किया जाना चाहिए।
फोन को आंखों के लेवल पर रखकर संदिग्ध जगहों पर रोशनी डालनी चाहिए। अगर किसी वस्तु से कांच जैसी चमक वापस आती है, तो वहां कैमरा होने की संभावना हो सकती है। इस तरीके के लिए किसी भी बाहरी ऐप की जरूरत नहीं होती।
अगर किसी वस्तु पर शक हो, तो उसे छूकर या कवर करके देखा जा सकता है। कई बार कैमरों को ऐसी चीजों में छिपाया जाता है जिन पर आम तौर पर किसी का ध्यान नहीं जाता।
यात्रा का असली आनंद तभी है जब मन सुरक्षित महसूस करे। थोड़ी सी सतर्कता बरतकर कोई भी यात्री अपनी और अपने परिवार की प्राइवेसी को सुरक्षित रख सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पैनिक होने या घबराने की जरूरत नहीं है, बस थोड़ी सी सावधानी और निरीक्षण से सुरक्षित रहा जा सकता है।
हिडन कैमरा खोजने के 5 आसान तरीके
डेविड जोन्स के अनुसार, कमरे में चेक-इन करते ही इन 5 तरीकों को अपनाकर तसल्ली की जा सकती है।1. अंधेरे में फोन के कैमरे का इस्तेमाल
कमरे में प्रवेश करते ही सबसे पहले लाइट्स बंद कर देनी चाहिए और पर्दे गिरा देने चाहिए। इसके बाद स्मार्टफोन का कैमरा (विशेषकर फ्रंट कैमरा) चालू करें। ज्यादातर हिडन कैमरों में नाइट विजन के लिए इंफ्रारेड लाइट का इस्तेमाल होता है। यह लाइट नंगी आंखों से नहीं दिखाई देती, लेकिन फोन के कैमरे में यह बैंगनी या लाल रंग की बिंदु की तरह चमकती है।इसे चेक करने के लिए टीवी रिमोट का बटन दबाकर फोन के कैमरे से देखा जा सकता है, जिससे लाइट जलती हुई दिखेगी। इसी तरह पूरे कमरे, विशेषकर बाथरूम, स्मोक डिटेक्टर, लैंप और वेंटिलेशन वाले हिस्सों को फोन के कैमरे से स्कैन किया जाना चाहिए।
2. फ्लैशलाइट से स्कैनिंग
फोन की फ्लैशलाइट ऑन करके कमरे का धीरे-धीरे निरीक्षण करना एक कारगर तरीका है। कैमरा के लेंस का कांच रोशनी पड़ने पर रिफ्लेक्ट करता है यानी चमकता है। यह चमक अक्सर नीले या बैंगनी रंग की होती है।फोन को आंखों के लेवल पर रखकर संदिग्ध जगहों पर रोशनी डालनी चाहिए। अगर किसी वस्तु से कांच जैसी चमक वापस आती है, तो वहां कैमरा होने की संभावना हो सकती है। इस तरीके के लिए किसी भी बाहरी ऐप की जरूरत नहीं होती।
3. वाई-फाई नेटवर्क की जांच
आजकल कई आधुनिक हिडन कैमरे वाई-फाई के जरिए चलते हैं। 'Fing' जैसे ऐप्स का उपयोग करके यह देखा जा सकता है कि रूम के वाई-फाई नेटवर्क से कौन-कौन से डिवाइस कनेक्टेड हैं। अगर स्कैनिंग के दौरान 'IP Camera', 'Hidden Device' या कोई अनजान नाम दिखाई दे, तो यह खतरे की घंटी हो सकती है। होटल और प्राइवेट वाई-फाई दोनों को चेक करना समझदारी है।4. चीजों की बारीकी से जांच
कमरे में रखी उन चीजों को गौर से देखना चाहिए जो अजीब लग रही हों या अपनी जगह पर सही न लग रही हों। जैसे कि बिस्तर के ठीक सामने रखा कोई टेडी बियर, अजीब जगह पर लगा स्मोक डिटेक्टर, दीवार पर लगी घड़ी या अतिरिक्त एक्सटेंशन बोर्ड।अगर किसी वस्तु पर शक हो, तो उसे छूकर या कवर करके देखा जा सकता है। कई बार कैमरों को ऐसी चीजों में छिपाया जाता है जिन पर आम तौर पर किसी का ध्यान नहीं जाता।
5. डिटेक्टर डिवाइस का उपयोग
जो लोग अक्सर यात्रा करते हैं, वे अपनी सुरक्षा के लिए एक छोटा आरएफ डिटेक्टर या कैमरा लेंस डिटेक्टर खरीद सकते हैं। ये गैजेट्स बहुत महंगे नहीं होते और आसानी से ऑनलाइन मिल जाते हैं। ये डिवाइस उन रेडियो फ्रीक्वेंसी को पकड़ लेते हैं जो हिडन कैमरे से निकलती हैं, या फिर लेंस की रिफ्लेक्शन को पहचान लेते हैं। इससे मन की शांति बनी रहती है।यात्रा का असली आनंद तभी है जब मन सुरक्षित महसूस करे। थोड़ी सी सतर्कता बरतकर कोई भी यात्री अपनी और अपने परिवार की प्राइवेसी को सुरक्षित रख सकता है।
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