UPI Autopay Guide: स्टेप-बाय-स्टेप समझें ऑटोपे सेट करने का तरीका और इसके बेहतरीन फायदे
आज के दौर में हमारी जिंदगी कितनी भागदौड़ भरी हो गई है। बिजली का बिल, पानी का बिल, ओटीटी सब्सक्रिप्शन, फोन का रिचार्ज और न जाने कितने ऐसे खर्चे हैं जिन्हें हमें हर महीने याद रखकर चुकाना पड़ता है। कई बार काम की व्यस्तता में हम इन बिलों की आखिरी तारीख भूल जाते हैं और फिर हमें लेट फीस या जुर्माना भरना पड़ता है। लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इसका एक शानदार समाधान निकाला है जिसका नाम है UPI Autopay।
क्या है UPI Autopay?
सरल शब्दों में कहें तो UPI Autopay एक ऐसी सुविधा है जो आपके आवर्ती भुगतानों (Recurring Payments) को स्वचालित यानी ऑटोमैटिक बना देती है। इसका मतलब यह है कि अगर आप हर महीने एक निश्चित राशि कहीं जमा करते हैं या कोई बिल भरते हैं तो आपको बार-बार मैन्युअल तरीके से पेमेंट करने की जरूरत नहीं होगी। आपके द्वारा सेट किए गए निर्देश के अनुसार पैसा आपके बैंक खाते से अपने आप कट जाएगा।
यह सुविधा 2 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक के भुगतानों के लिए बिना किसी पिन के काम करती है। यदि राशि 5000 रुपये से अधिक है तो सुरक्षा के लिहाज से आपको एक बार यूपीआई पिन डालने की आवश्यकता होती है।
UPI Autopay कैसे काम करता है?
इस तकनीक का आधार 'यूपीआई मैंडेट' (UPI Mandate) है। जब आप किसी सर्विस के लिए ऑटोपे सेट करते हैं तो आप असल में अपने बैंक को यह अनुमति दे रहे होते हैं कि वह एक तय तारीख पर संबंधित मर्चेंट को पैसा ट्रांसफर कर दे। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है और आप जब चाहें इसे बदल या रोक सकते हैं।
इसे सेट अप करने का तरीका बहुत आसान है:
एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद आपका काम खत्म हो जाता है और तकनीक का काम शुरू होता है।
क्या है UPI Autopay?
सरल शब्दों में कहें तो UPI Autopay एक ऐसी सुविधा है जो आपके आवर्ती भुगतानों (Recurring Payments) को स्वचालित यानी ऑटोमैटिक बना देती है। इसका मतलब यह है कि अगर आप हर महीने एक निश्चित राशि कहीं जमा करते हैं या कोई बिल भरते हैं तो आपको बार-बार मैन्युअल तरीके से पेमेंट करने की जरूरत नहीं होगी। आपके द्वारा सेट किए गए निर्देश के अनुसार पैसा आपके बैंक खाते से अपने आप कट जाएगा। यह सुविधा 2 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक के भुगतानों के लिए बिना किसी पिन के काम करती है। यदि राशि 5000 रुपये से अधिक है तो सुरक्षा के लिहाज से आपको एक बार यूपीआई पिन डालने की आवश्यकता होती है।
UPI Autopay कैसे काम करता है?
इस तकनीक का आधार 'यूपीआई मैंडेट' (UPI Mandate) है। जब आप किसी सर्विस के लिए ऑटोपे सेट करते हैं तो आप असल में अपने बैंक को यह अनुमति दे रहे होते हैं कि वह एक तय तारीख पर संबंधित मर्चेंट को पैसा ट्रांसफर कर दे। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है और आप जब चाहें इसे बदल या रोक सकते हैं। इसे सेट अप करने का तरीका बहुत आसान है:
- सबसे पहले अपने पसंदीदा यूपीआई ऐप (जैसे Google Pay, PhonePe, BHIM या Paytm) को खोलें।
- अपनी प्रोफाइल सेक्शन में जाकर 'मैंडेट' या 'ऑटोपे' विकल्प को चुनें।
- अब 'न्यू मैंडेट' पर क्लिक करें और उस सर्विस या मर्चेंट को चुनें जिसे आप भुगतान करना चाहते हैं।
- भुगतान की अवधि चुनें जैसे साप्ताहिक, मासिक या वार्षिक।
- वह राशि दर्ज करें जिसे आप ऑटो-डेबिट करना चाहते हैं।
- अंत में अपना यूपीआई पिन डालकर इस मैंडेट को कन्फर्म करें।
एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद आपका काम खत्म हो जाता है और तकनीक का काम शुरू होता है।
Next Story