Android Safety Alert: मेंटल हेल्थ वाले ऐप्स से डेटा लीक होने का बढ़ा खतरा, कई करोड़ लोग हूए प्रभावित
आजकल लोग अपनी मानसिक सेहत का ध्यान रखने के लिए मोबाइल ऐप्स का सहारा लेते हैं। ये ऐप्स तनाव कम करने और मन को शांत रखने का दावा करते हैं। लेकिन हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। पता चला है कि गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद कुछ बहुत लोकप्रिय ऐप्स सुरक्षित नहीं हैं। इन ऐप्स में ऐसी कमियां पाई गई हैं जिनसे आपकी निजी जानकारी लीक हो सकती है। इन ऐप्स को अब तक करीब 14.7 मिलियन लोग अपने फोन में डाल चुके हैं।
निजी जानकारी पर संकट
इन ऐप्स का इस्तेमाल लोग अपनी सबसे निजी बातें साझा करने के लिए करते हैं। वे अपनी उदासी, डर और रोजमर्रा की परेशानियों के बारे में इसमें लिखते हैं। जांच में पता चला है कि सुरक्षा में कमी की वजह से हैकर्स इन जानकारियों तक पहुंच सकते हैं। ये ऐप्स आपकी बातों को पूरी तरह गुप्त रखने का वादा तो करते हैं लेकिन असलियत में इनके पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। इसमें आपकी थेरेपी के पुराने रिकॉर्ड्स भी शामिल हो सकते हैं जो किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत संवेदनशील होते हैं।कैसे लीक होता है डेटा
सुरक्षा विशेषज्ञों ने जब इन ऐप्स की बारीकी से जांच की तो उन्हें 1500 से ज्यादा छोटी-बड़ी कमियां मिलीं। इनमें से कई कमियां बहुत गंभीर थीं। कुछ ऐप्स आपके डेटा को फोन में ऐसी जगह रखते हैं जहां से कोई भी दूसरा ऐप उसे देख सकता है। वहीं कुछ ऐप्स इंटरनेट पर डेटा भेजते समय उसे ठीक से लॉक या एन्क्रिप्ट नहीं करते। इससे बीच रास्ते में ही जानकारी चोरी होने का डर रहता है। इसके अलावा कुछ ऐप्स के लॉगिन करने के तरीके भी पुराने और कमजोर पाए गए हैं।सावधानी ही बचाव है
अगर आप भी किसी ऐसी ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको थोड़ा सतर्क होने की जरूरत है। सबसे पहले ये देखें कि आपने ऐप को कौन-कौन सी परमिशन दी हुई है। कई बार ये ऐप्स ऐसी चीजों की भी अनुमति मांग लेते हैं जिनकी उन्हें जरूरत नहीं होती। जैसे आपके फोटो या कॉल रिकॉर्ड्स। अगर ऐप बहुत जरूरी न हो तो उसे हटा देना ही बेहतर है। हमेशा ऐप को अपडेट करते रहें क्योंकि कंपनियां समय-समय पर सुरक्षा की कमियों को ठीक करने के लिए अपडेट भेजती रहती हैं।भरोसेमंद ऐप्स का चुनाव
किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी जुटा लेना जरूरी है। केवल डाउनलोड की संख्या देखकर ही ऐप को सुरक्षित न मानें। ऐप स्टोर पर उसके रिव्यू पढ़ें और ये देखें कि लोग उसकी प्राइवेसी के बारे में क्या कह रहे हैं। ये ऐप्स डिप्रेशन और बेचैनी जैसी समस्याओं में मदद के लिए बनाए गए हैं लेकिन अगर इनसे आपकी प्राइवेसी ही खतरे में पड़ जाए तो ये फायदे से ज्यादा नुकसानदेह हो सकते हैं।मजबूत पासवर्ड और सुरक्षा
अपने फोन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए हमेशा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही अपने फोन में गूगल प्ले प्रोटेक्ट को हमेशा चालू रखें। ये फीचर फोन के ऐप्स को स्कैन करता रहता है और किसी भी खतरे के बारे में आपको तुरंत बता देता है। ऐप्स का इस्तेमाल करते समय अपनी बहुत ज्यादा निजी जानकारी साझा करने से बचें। याद रखें कि इंटरनेट पर मौजूद कोई भी चीज पूरी तरह सुरक्षित नहीं होती इसलिए अपनी समझदारी का इस्तेमाल करना सबसे जरूरी है।Next Story