सावधान! आपकी जेब में रखे फोन से भी चोरी हो सकते हैं पैसे, जानें 'Tap To Pay' स्कैम का पूरा सच
आजकल डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और स्मार्टफोन्स में 'कॉन्टैक्टलेस पेमेंट' (Contactless Payment) की सुविधा आती है। इसे तकनीकी भाषा में NFC (Near Field Communication) कहा जाता है। इसका मतलब है कि पेमेंट करने के लिए आपको कार्ड स्वाइप करने या मशीन में डालने की जरूरत नहीं होती। बस मशीन के पास कार्ड या फोन ले जाओ, 'टैप' करो और पेमेंट हो जाता है।
साइबर ठग अब इसी तकनीक का गलत फायदा उठा रहे हैं। वे भीड़भाड़ वाली जगहों पर सक्रिय रहते हैं और बिना आपको भनक लगे आपके खाते से पैसे उड़ा ले जाते हैं।
जादुई संपर्क: जैसे ही वे आपके करीब से गुजरते हैं, वे अपनी मशीन को आपकी जेब या बैग के पास ले जाते हैं जहां आपका वॉलेट या फोन रखा होता है।
पैसा गायब: चूंकि 'टैप टू पे' फीचर में मशीन और कार्ड/फोन के बीच संपर्क होते ही पेमेंट हो जाता है, मशीन तुरंत आपके खाते से पैसे काट लेती है।
सबसे खतरनाक बात यह है कि कम रकम (आमतौर पर 5,000 रुपये तक) के लिए किसी PIN या OTP की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए ठग छोटी-छोटी रकम काटते हैं ताकि ट्रांजेक्शन बिना रुकावट के पूरा हो जाए।
SMS अलर्ट पर नजर रखें: अपने फोन पर आने वाले बैंक के हर मैसेज को ध्यान से पढ़ें। अगर कोई ऐसा ट्रांजेक्शन दिखे जो आपने नहीं किया है, तो तुरंत बैंक को सूचित करें।
फोन कवर में कार्ड न रखें: सुविधा के चक्कर में हम अक्सर फोन के पीछे कार्ड रख लेते हैं। यह आदत छोड़ दें, क्योंकि इससे ठगों को एक ही जगह पर फोन और कार्ड दोनों का एक्सेस मिल जाता है।
तकनीक हमारी सुविधा के लिए है, लेकिन उसका सुरक्षित इस्तेमाल हमारे हाथ में है। 'टैप टू पे' फीचर सुविधाजनक जरूर है, लेकिन भीड़भाड़ वाले इलाकों में यह आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। सतर्क रहें, अपनी सेटिंग्स चेक करें और डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहें। याद रखें, आपकी थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।
साइबर ठग अब इसी तकनीक का गलत फायदा उठा रहे हैं। वे भीड़भाड़ वाली जगहों पर सक्रिय रहते हैं और बिना आपको भनक लगे आपके खाते से पैसे उड़ा ले जाते हैं।
ठगी का तरीका: कैसे काम करता है यह जाल?
यह स्कैम इतना शातिर है कि शिकार को तब तक पता नहीं चलता जब तक कि उसके पास बैंक का मैसेज नहीं आता। ठगों का तरीका कुछ इस प्रकार होता है:- भीड़ का फायदा: ठग अक्सर मेट्रो, बाजार, मॉल या किसी भी भीड़भाड़ वाली जगह पर शिकार ढूंढते हैं।
- पोर्टेबल मशीन का इस्तेमाल: ठग अपने हाथ में एक छोटी वायरलेस POS (Point of Sale) मशीन रखते हैं। वे जानबूझकर भीड़ में आपके करीब आते हैं।
आप खतरे में क्यों हैं?
हम में से कई लोग अपने फोन में NFC फीचर को हमेशा 'ऑन' रखते हैं। इसके अलावा, कई लोग अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड को फोन के कवर के पीछे रखते हैं। यह आदत ठगों का काम और आसान बना देती है। अगर आपका NFC ऑन है, तो आपका फोन एक खुले ताले की तरह है, जिसे कोई भी शातिर ठग पास आकर लूट सकता है।You may also like
- UAE offers 'citizenship' to businesses under New Corporate Law 2026
Legal ambiguities, heritage concerns clash in Delhi's demolition drive- Samantha Ruth Prabhu serves intense look in a simple saree in 'Maa Inti Bangaram'
- VHP's Alok Kumar condemns "grave-digging" slogans at JNU, says "Sanctity of JNU has been breached again"
- Jemimah Rodrigues Joins Tvarra as Investor Partner
बचाव के तरीके: अपनी गाढ़ी कमाई को कैसे सुरक्षित रखें?
घबराने की जरूरत नहीं है। थोड़ी सी सावधानी बरतकर आप इस फ्रॉड से आसानी से बच सकते हैं। यहाँ कुछ जरूरी उपाय दिए गए हैं:- NFC को बंद रखें: सबसे पहला और जरूरी काम यह करें कि अपने स्मार्टफोन की सेटिंग्स में जाकर NFC ऑप्शन को बंद (Turn Off) कर दें। इसे तभी ऑन करें जब आपको वास्तव में पेमेंट करना हो।
- RFID वाले वॉलेट का इस्तेमाल करें: बाजार में अब ऐसे वॉलेट या कार्ड होल्डर मिलते हैं जो RFID (Radio Frequency Identification) ब्लॉक करने की तकनीक के साथ आते हैं। इनमें रखे कार्ड को बाहर से स्कैन नहीं किया जा सकता। यह एक सस्ता और कारगर उपाय है।
- मेटल या एल्युमिनियम फॉयल का जुगाड़: अगर आप RFID वॉलेट नहीं खरीदना चाहते, तो अपने कार्ड्स को एल्युमिनियम फॉयल में लपेटकर रख सकते हैं। यह भी सिग्नल को ब्लॉक करने में मदद करता है।
- ट्रांजेक्शन लिमिट सेट करें: अपने बैंक के ऐप में जाकर कॉन्टैक्टलेस पेमेंट की लिमिट को कम कर दें। या तो इसे पूरी तरह डिसेबल कर दें या फिर इसकी लिमिट इतनी कम रखें कि बड़ा नुकसान न हो।









