UIDAI ने लॉन्च किया नया आधार ऐप, अब चेहरे से ही हो जाएगा वेरिफिकेशन, जानिए इस्तेमाल का तरीका
इस नए डिजिटल कदम के बाद करोड़ों आधार कार्ड धारकों का काम काफी आसान होने वाला है। अक्सर देखा जाता है कि बढ़ती उम्र के कारण बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट घिस जाते हैं, या फिर शारीरिक श्रम करने वाले मजदूरों के हाथों की रेखाएं साफ न होने की वजह से मशीनों पर उनका बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन फेल हो जाता है। कई बार मोबाइल नेटवर्क न होने से समय पर ओटीपी भी नहीं आता। इन सभी व्यावहारिक समस्याओं को खत्म करने के लिए यूआईडीएआई का यह नया फेस ऑथेंटिकेशन ऐप एक बेहतरीन और अचूक समाधान बनकर सामने आया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह ऐप कैसे काम करता है और एक आम नागरिक को इसके बारे में क्या-क्या बातें जानना बेहद जरूरी है।
जानिए क्या है नया आधार फेसआरडी (Aadhaar FaceRD) ऐप और यह कैसे काम करता है
यूआईडीएआई द्वारा तैयार किए गए इस विशेष सॉफ्टवेयर का नाम आधार फेसआरडी ऐप है, जिसे आप अपने स्मार्टफोन के ऑफिशियल गूगल प्ले स्टोर से आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप पूरी तरह से मेड इन इंडिया तकनीक पर आधारित है और अत्यधिक सुरक्षित है।
जब आप इस ऐप का उपयोग करते हैं, तो यह आपके मोबाइल के फ्रंट कैमरे की मदद से आपके चेहरे को लाइव स्कैन करता है। स्कैनिंग के दौरान यह तकनीक आपके चेहरे के मुख्य बिंदुओं, जैसे आंखों की दूरी, नाक की बनावट और चेहरे के कट का मिलान सीधे यूआईडीएआई के केंद्रीय डेटाबेस में सुरक्षित आपके मूल डेटा से करती है। जैसे ही यह मिलान सफल होता है, आपका डिजिटल आधार वेरिफिकेशन तुरंत पूरा हो जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह लाइवलीनेस डिटेक्शन तकनीक पर काम करता है, जिसका मतलब है कि कोई भी व्यक्ति आपकी फोटो या वीडियो दिखाकर इस ऐप का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता। इसमें यूजर को स्क्रीन के सामने अपनी आँखें झपकाने के लिए कहा जाता है, जिससे सुरक्षा पूरी तरह पुख्ता हो जाती है।
इन प्रमुख सरकारी और वित्तीय सेवाओं में सीधे काम आएगा यह नया ऐप
इस नए फेस ऑथेंटिकेशन ऐप का दायरा केवल आधार कार्ड डाउनलोड करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि केंद्र और राज्य सरकारों की कई बड़ी डिजिटल कल्याणकारी योजनाओं को भी इसके साथ सीधे तौर पर जोड़ा जा रहा है।
- इस नई तकनीक की मदद से देश के बुजुर्ग नागरिक घर बैठे ही अपनी पेंशन के लिए जरूरी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं, जिसके लिए पहले उन्हें बैंक या डाकघर के चक्कर काटने पड़ते थे।
- राशन की दुकानों पर मिलने वाले सरकारी अनाज (PDS) के वितरण में भी अब इस फेस ऑथेंटिकेशन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे राशन वितरण प्रणाली में होने वाली गड़बड़ियों को रोका जा सकेगा।
- इसके अलावा, किसान सम्मान निधि जैसी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजनाओं का पैसा सीधे अपने बैंक खाते में मंगाने के लिए और नया मोबाइल सिम कार्ड खरीदने के लिए भी इस ऐप के जरिए तुरंत ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है।
यूआईडीएआई के नए ऐप को इस्तेमाल करने का आसान स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
यदि आप भी इस आधुनिक सुरक्षा सेवा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया को बेहद सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। इसके लिए आपके पास एक एक्टिव फ्रंट कैमरे वाला एंड्रॉइड स्मार्टफोन होना जरूरी है।
- सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के गूगल प्ले स्टोर पर जाएं और सर्च बार में Aadhaar FaceRD लिखकर आधिकारिक ऐप को डाउनलोड और इंस्टॉल करें।
- ऐप इंस्टॉल होने के बाद जब आप इसे ओपन करेंगे, तो यह आपसे मोबाइल कैमरे का उपयोग करने की कुछ जरूरी अनुमतियां (Permissions) मांगेगा, जिन्हें आपको एलाउ करना होगा।
- इसके बाद जब भी आप किसी सरकारी पोर्टल या बैंक की वेबसाइट पर आधार ऑथेंटिकेशन का विकल्प चुनेंगे, तो वहां आपको फेस ऑथेंटिकेशन पर क्लिक करना होगा।
- ऐसा करते ही आपके फोन का कैमरा अपने आप ऑन हो जाएगा। अब आपको अपने चेहरे को सीधे कैमरे के सामने रखना होगा और पर्याप्त रोशनी वाली जगह पर खड़े होकर स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों के अनुसार अपनी आँखें झपकानी होंगी। प्रक्रिया पूरी होते ही स्क्रीन पर सक्सेसफुल का मैसेज आ जाएगा।
डिजिटल डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर यूआईडीएआई की पुख्ता तैयारी
चूंकि इस ऐप में चेहरे को स्कैन किया जाता है, इसलिए कई लोगों के मन में प्राइवेसी और डेटा चोरी को लेकर चिंताएं होना स्वाभाविक है। लेकिन यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों का उच्चतम स्तर अपनाया गया है।
इस ऐप द्वारा स्कैन की गई आपके चेहरे की लाइव इमेज को फोन में कहीं भी स्टोर या सेव नहीं किया जाता है। कैमरा केवल वेरिफिकेशन के समय एक एन्क्रिप्टेड कोड तैयार करता है, जो सीधे यूआईडीएआई के सुरक्षित सर्वर पर भेज दिया जाता है और काम पूरा होते ही डिलीट हो जाता है। इस प्रकार आपकी कोई भी निजी जानकारी या फोटो लीक होने का खतरा बिल्कुल शून्य है। बदलती तकनीक के साथ कदम मिलाते हुए अपने डिजिटल दस्तावेजों को सुरक्षित रखने और सरकारी कामों को बिना किसी रुकावट के पूरा करने के लिए इस नए ऐप को अपने मोबाइल में रखना भविष्य के लिए एक बेहद समझदारी भरा कदम है।









