SBI Fraud Alert: अगर आपके पास भी आ रहे हैं ऐसे कॉल तो हो जाएं सावधान

Newspoint
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए एक बहुत जरूरी जानकारी दी है। आजकल के समय में जब फोन पर तरह-तरह के फ्रॉड हो रहे हैं, बैंक ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए लोगों को बताया है कि किन नंबरों पर भरोसा किया जा सकता है। बैंक ने साफ किया है कि अगर किसी ग्राहक के पास +91-1600 से शुरू होने वाले नंबर से फोन आता है, तो ये कोई धोखाधड़ी नहीं है। ये बैंक की तरफ से आने वाला एक असली और आधिकारिक कॉल है।

लेन-देन और सेवा के लिए है ये नंबर

एसबीआई ने अपने ट्वीट में इस बात पर जोर दिया है कि +91-1600 से शुरू होने वाले नंबरों का इस्तेमाल सिर्फ बैंकिंग सेवाओं के लिए किया जाता है। बैंक का कहना है कि इन नंबरों के जरिए बैंक अपने ग्राहकों से संपर्क करता है। ये संपर्क अक्सर पैसों के लेन-देन या बैंक की सेवाओं से जुड़ी बातों के लिए होता है। बैंक ने ये कदम इसलिए उठाया है ताकि ग्राहक आसानी से समझ सकें कि कौन सा कॉल बैंक का है और कौन सा कॉल किसी जालसाज का हो सकता है। इससे लोगों को स्पैम या फ्रॉड कॉल पहचानने में बहुत मदद मिलेगी।

Hero Image

सुरक्षा ही है सबसे बड़ी प्राथमिकता

अपने संदेश में बैंक ने लिखा है कि "आपकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।" बैंक ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि अगर उन्हें +91-1600 से शुरू होने वाले नंबर से कॉल आता है, तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। ये पूरी तरह से सही और वैध कॉल है। बैंक ने ये भी बताया कि इस तरह की जानकारी देने का मकसद यही है कि लोग असली और नकली कॉल के बीच का अंतर समझ सकें। आज के समय में जब साइबर क्राइम बढ़ रहा है, बैंक का ये कदम लोगों को सुरक्षित रखने में काफी मददगार साबित हो सकता है।

अनजान कॉल से रहें सावधान

बैंक ने इसी ट्वीट में लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने की सलाह भी दी है। एसबीआई ने कहा है कि लोगों को बिना मांगे आए कॉल या संदिग्ध कॉल से बात नहीं करनी चाहिए। डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में सतर्क रहना बहुत जरूरी है। बैंक ने अपने ग्राहकों से अपील की है कि वे हमेशा चौकन्ने रहें। ट्वीट में कुछ हैशटैग जैसे #StaySafeWithSBI और #FraudAwareness का भी इस्तेमाल किया गया है, जो ये बताते हैं कि बैंक अपने ग्राहकों को जागरूक करने के लिए कितना गंभीर है।

बढ़ रहे हैं फ्रॉड के मामले

ये जानकारी ऐसे समय में आई है जब फोन कॉल और मैसेज के जरिए बैंक ग्राहकों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। जालसाज अक्सर बैंक अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं और उनकी निजी जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं। ऐसे में एसबीआई की ये सलाह लोगों के लिए एक ढाल का काम कर सकती है। जब लोगों को पता होगा कि बैंक किस नंबर से कॉल करता है, तो वो किसी दूसरे नंबर से आने वाले फर्जी कॉल पर भरोसा नहीं करेंगे।

बैंक कर्मचारी की सूझबूझ से बची रकम

इसी तरह की धोखाधड़ी से जुड़ा एक मामला पिछले साल भी सामने आया था, जो बैंक की सतर्कता का एक अच्छा उदाहरण है। उस घटना में एसबीआई के कर्मचारियों ने अपनी समझदारी से एक बुजुर्ग को डिजिटल फ्रॉड का शिकार होने से बचा लिया था। ये घटना दिखाती है कि बैंक न सिर्फ तकनीकी तौर पर बल्कि अपने कर्मचारियों के जरिए भी लोगों की मदद कर रहा है। उस मामले में एक जालसाज ने खुद को अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डराया था और कहा था कि वो 'डिजिटल अरेस्ट' के तहत हैं।

कर्मचारियों को दी जाती है ट्रेनिंग

ये घटना इस बात का सबूत है कि बैंक अपने कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा की अच्छी ट्रेनिंग देता है। उस बुजुर्ग को बचाने में बैंक अधिकारी सूर्या स्वाति और उनकी ब्रांच के बाकी लोगों ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। उनकी सतर्कता की वजह से ही वो बुजुर्ग अपनी मेहनत की कमाई गँवाने से बच गए थे। जालसाज ने पूरी कोशिश की थी कि वो बुजुर्ग को अपनी बातों में फंसा ले, लेकिन बैंक स्टाफ ने समय रहते मामले को भांप लिया और उसे रोक दिया।

जागरूकता ही है बचाव

एसबीआई की ये पहल और पिछले साल की घटना ये साबित करती है कि जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। चाहे वो +91-1600 वाले नंबर की जानकारी हो या बैंक स्टाफ की मुस्तैदी, हर स्तर पर सुरक्षा जरूरी है। बैंक लगातार अपने ग्राहकों को यही समझा रहा है कि किसी भी अनजान कॉल पर अपनी जानकारी साझा न करें और अगर कोई शक हो तो तुरंत बैंक से संपर्क करें।


Loving Newspoint? Download the app now
Newspoint