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ट्रेन में फोन चोरी हो जाए तो क्या करें? जानें अपना डेटा सुरक्षित करने का आसान तरीका

अगर कभी सफर के दौरान ऐसी अप्रिय घटना घट जाए, तो घबराने के बजाय समझदारी और फुर्ती से काम लेना चाहिए। यहां बताया जा रहा है कि फोन चोरी होने या खो जाने पर तुरंत कौन से कदम उठाए जाने चाहिए ताकि नुकसान को कम से कम किया जा सके।
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सबसे पहले खुद को शांत रखें और तुरंत एक्शन लें

जब पता चलता है कि फोन जेब या बैग में नहीं है, तो घबराहट होना स्वाभाविक है। लेकिन, यही वह वक्त होता है जब दिमाग को शांत रखकर तुरंत फैसले लेने होते हैं। फोन अब केवल बातचीत का जरिया नहीं रहा, बल्कि यह एक डिजिटल तिजोरी है जिसमें बैंकिंग ऐप्स, यूपीआई, आधार-पैन की कॉपी और निजी यादें कैद होती हैं। इसलिए, फोन मिलने की उम्मीद से पहले, डेटा को सुरक्षित करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

संचार साथी पोर्टल का इस्तेमाल करें

फोन चोरी होने के बाद सबसे बड़ा डर यह होता है कि चोर सिम कार्ड का इस्तेमाल करके बैंकिंग ट्रांजेक्शन न कर ले या किसी को गलत मैसेज न भेज दे। इससे बचने के लिए भारत सरकार का 'संचार साथी' पोर्टल बेहद मददगार साबित होता है।


  1. सिम ब्लॉक कराएं: सबसे पहले किसी सह-यात्री के फोन या रेलवे पुलिस की मदद से अपने नेटवर्क ऑपरेटर को कॉल करके सिम कार्ड ब्लॉक कराएं। इससे चोर आपके नंबर से कॉल या मैसेज नहीं कर पाएगा।
  2. IMEI ब्लॉक करें: सिम ब्लॉक कराने के बाद अगला महत्वपूर्ण कदम फोन के IMEI नंबर को ब्लॉक करना है। इसके लिए 'संचार साथी' की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फोन चोरी की रिपोर्ट की जा सकती है।

इससे क्या फायदा होगा? जब संचार साथी पोर्टल के जरिए IMEI नंबर ब्लॉक कर दिया जाता है, तो वह फोन एक तरह से 'प्लास्टिक का डिब्बा' बन जाता है। भारत में मौजूद किसी भी नेटवर्क की सिम उस फोन में काम नहीं करेगी। जब सिम ही काम नहीं करेगी, तो फोन पर कोई भी ओटीपी नहीं आएगा। इससे फोन में मौजूद बैंकिंग ऐप्स और ई-वॉलेट पूरी तरह सुरक्षित हो जाएंगे और चोर आपके पैसे नहीं चुरा पाएगा।


राहत की बात यह है कि अगर भविष्य में पुलिस या किसी और माध्यम से फोन वापस मिल जाता है, तो इसी पोर्टल के जरिए उसे दोबारा अन-ब्लॉक भी किया जा सकता है।

फोन से दूर रहकर भी डेटा को कैसे मिटाएं?

अगर फोन मिलने की उम्मीद खत्म हो चुकी है और डर है कि कहीं कोई पर्सनल फोटो, वीडियो या जरूरी डॉक्यूमेंट्स लीक न हो जाएं, तो टेक्नोलॉजी की मदद से फोन को रिमोटली फॉर्मेट किया जा सकता है। इसे 'फैक्ट्री रीसेट' भी कहते हैं। यह प्रक्रिया फोन में मौजूद सारा डेटा हमेशा के लिए मिटा देती है।

एंड्रॉइड यूजर्स के लिए: एंड्रॉइड स्मार्टफोन यूजर्स Google की 'Find My Device' सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए किसी दूसरे फोन या कंप्यूटर पर android.com/find वेबसाइट पर जाना होगा। वहां अपने उसी जीमेल अकाउंट से लॉग-इन करना होगा जो चोरी हुए फोन में चल रहा था। लॉग-इन करने के बाद वहां फोन की लोकेशन देखने, उसे लॉक करने और 'Erase Device' का विकल्प मिलता है। 'Erase Device' चुनने पर फोन का सारा डेटा डिलीट हो जाएगा।

आईफोन यूजर्स के लिए: एप्पल यूजर्स के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए icloud.com/find पर जाकर अपनी एप्पल आईडी से लॉग-इन करना होता है। वहां डिवाइस लिस्ट में से अपने चोरी हुए आईफोन को चुनकर उसे रिमोटली इरेज किया जा सकता है। इससे आईफोन का सारा डेटा सुरक्षित तरीके से हट जाता है और कोई दूसरा व्यक्ति उसे देख नहीं पाता।


ट्रेन के सफर में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है, लेकिन अनहोनी कभी भी हो सकती है। अगर फोन चोरी हो जाए, तो निराश होकर बैठने के बजाय ऊपर बताए गए तरीकों को अपनाना चाहिए। सिम ब्लॉक कराना, संचार साथी पोर्टल पर IMEI बंद करना और रिमोटली डेटा डिलीट करना, ये तीन कदम न केवल आर्थिक नुकसान से बचाते हैं बल्कि निजी जानकारी को भी सुरक्षित रखते हैं।