UPI Payment Fraud Alert Safety Rules 2026: यूपीआई यूजर्स सावधान! पैसे पाने के लिए कभी न दर्ज करें पिन, खाली हो सकता है बैंक खाता

आज के डिजिटल दौर में गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और अन्य यूपीआई ऐप्स का इस्तेमाल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। हालांकि, जैसे-जैसे डिजिटल लेनदेन की रफ्तार बढ़ी है, वैसे-वैसे यूपीआई पेमेंट फ्रॉड के मामलों में भी भारी इजाफा हुआ है। UPI Payment Fraud Alert Safety Rules 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार साइबर अपराधी अब नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। साइबर विशेषज्ञों और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूजर्स को सचेत करते हुए यूपीआई का सबसे बुनियादी और स्वर्णिम नियम याद दिलाया है।
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पैसे प्राप्त करने के लिए कभी नहीं होती यूपीआई पिन की जरूरत

Never Enter UPI PIN to Receive Money Fraud Advisory के तहत सबसे अहम बात जो हर डिजिटल यूजर को ध्यान रखनी चाहिए, वह यह है कि बैंक खाते में पैसे प्राप्त करने (Receive Money) के लिए कभी भी यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती है। यूपीआई पिन का इस्तेमाल केवल और केवल आपके खाते से पैसे किसी दूसरे के खाते में भेजने (Send Money) या बैंक बैलेंस चेक करने के लिए ही किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति आपसे पैसे ट्रांसफर करने के नाम पर पिन दर्ज करने को कहता है, तो समझ जाएं कि वह आपके साथ ठगी करने की कोशिश कर रहा है।


ठग कैसे बनाते हैं झांसे का शिकार?

How to Avoid UPI Online Payment Scams Guidelines के अनुसार साइबर अपराधी अक्सर किसी सामान की खरीद-बिक्री, पुरानी चीजें खरीदने वाले प्लैटफॉर्म (जैसे OLX) या किसी गलती से पैसे ट्रांसफर होने का झूठा दावा करके लोगों से संपर्क करते हैं। वे पीड़ित के मोबाइल पर एक 'पे रिक्वेस्ट' (Pay Request) या 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' भेजते हैं और कहते हैं कि इस लिंक पर क्लिक करके अपना यूपीआई पिन डालें ताकि पैसे आपके खाते में आ जाएं। जैसे ही यूजर अपना पिन डालता है, पैसे मिलने के बजाय उसके खाते से कट जाते हैं।


सुरक्षित यूपीआई लेनदेन के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

UPI Fraud Prevention Tips Never Share PIN Online 2026 के नियमों के मुताबिक किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर 'रिक्वेस्ट मनी' (Request Money) ऑप्शन को स्वीकार न करें। इसके अलावा, अनजान क्यूआर कोड (QR Code) को स्कैन करके कभी भी अपना पिन दर्ज न करें, क्योंकि क्यूआर कोड स्कैन करने से भी पैसे केवल कटते हैं, प्राप्त नहीं होते। अपने यूपीआई पिन, ओटीपी (OTP) और पासवर्ड को हमेशा गोपनीय रखें और इसे किसी के साथ साझा न करें।

धोखाधड़ी होने पर तुरंत लें ये एक्शन

Online UPI Payment Safety Rules NPCI Advisory Details के संदर्भ में यदि आप जाने-अनजाने में किसी यूपीआई फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो सबसे पहले अपने बैंक को सूचित करके अपना यूपीआई पिन और बैंकिंग सेवाएं ब्लॉक करवाएं। इसके तुरंत बाद राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी की गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।