Fake Earning Apps Alert: विंगो ऐप के जरिए हो रही थी बड़ी धोखाधड़ी, सरकार ने उठाया सख्त कदम

आज के समय में स्मार्टफोन हर व्यक्ति की जरूरत बन गया है, लेकिन यही फोन साइबर अपराधियों के लिए ठगी का जरिया भी बनता जा रहा है। हाल ही में विंगो (Wingo) नामक एक ऐप सुर्खियों में आया है, जिस पर केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। यह ऐप साधारण दिखने के बावजूद पर्दे के पीछे से एक खतरनाक साइबर फ्रॉड नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

कैसे शुरू हुआ ये खेल

विंगो ऐप मुख्य रूप से उन लोगों को अपना निशाना बनाता था जो कम समय में घर बैठे ज्यादा पैसा कमाना चाहते थे। यह ऐप एंड्रॉइड यूजर्स को लुभावने ऑफर और निवेश पर बड़े रिटर्न का झांसा देता था। एक बार जब कोई यूजर इसे अपने फोन में इंस्टॉल कर लेता था, तो यह ऐप फोन की गैलरी, कॉन्टैक्ट्स और लोकेशन जैसे महत्वपूर्ण डेटा का एक्सेस मांगता था।

SMS भेजने की तकनीक

अधिकारियों की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि यह ऐप यूजर की जानकारी के बिना उसके फोन से धोखाधड़ी वाले SMS भेज रहा था। इन मैसेजेस का इस्तेमाल अन्य लोगों को जाल में फंसाने के लिए किया जाता था। इससे न केवल यूजर का व्यक्तिगत डेटा खतरे में था, बल्कि उसका फोन अनजाने में एक बड़े साइबर अपराध का हिस्सा बन रहा था।

सरकार की बड़ी कार्रवाई

जब इस स्कैम की शिकायतें गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) तक पहुंचीं, तो तुरंत एक्शन लिया गया। सरकार ने विंगो ऐप के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है। इसके अलावा, इस फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े 4 टेलीग्राम चैनल्स को भी बंद कर दिया गया है, जिनसे लगभग 1.53 लाख लोग जुड़े हुए थे। यूट्यूब से भी इस ऐप को प्रमोट करने वाले 53 से ज्यादा वीडियो हटा दिए गए हैं।

UPI का गलत इस्तेमाल

विंगो ऐप पर होने वाले ट्रांजेक्शन किसी सुरक्षित बैंकिंग गेटवे के बजाय सीधे UPI या पर्सनल वॉलेट के जरिए किए जा रहे थे। ऐसा इसलिए किया गया ताकि पैसों के लेन-देन को ट्रैक करना मुश्किल हो सके। छोटे निवेश के बहाने यूजर्स से पैसे जमा कराए जाते थे और जैसे ही रकम बड़ी होती थी, ऐप यूजर का अकाउंट ब्लॉक कर देता था।

यूजर्स के लिए सुरक्षा निर्देश

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किसी भी अनजान ऐप को डाउनलोड करना जोखिम भरा हो सकता है। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसकी रेटिंग और डेवलपर की जानकारी जरूर चेक करनी चाहिए। इसके साथ ही, ऐप द्वारा मांगी जा रही परमिशन पर भी गौर करना जरूरी है। अगर कोई ऐप गैलरी या मैसेज का एक्सेस मांगता है जिसकी उसे जरूरत नहीं है, तो वह संदेह के घेरे में आता है।
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