एक्सॉन वाल्डीज तेल रिसाव: एक ऐतिहासिक त्रासदी

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एक्सॉन वाल्डीज तेल रिसाव की कहानी

एक्सॉन वाल्डीज तेल रिसाव: कभी-कभी हमसे ऐसी गलतियाँ हो जाती हैं, जिन्हें सुधारना संभव नहीं होता। 1989 में अमेरिका के अलास्का में एक ऐसी ही घटना घटी। एक्सॉन वाल्डीज नामक एक विशाल तेल टैंकर, जो कच्चे तेल से भरा हुआ था, रात के अंधेरे में एक चट्टान से टकरा गया। इस दुर्घटना के परिणामस्वरूप लाखों गैलन तेल समुद्र में फैल गया, जिसने मछलियों, पक्षियों और समुद्री जीवों के लिए विनाशकारी परिणाम उत्पन्न किए। यह घटना इतिहास की सबसे बड़ी पर्यावरणीय त्रासदियों में से एक मानी जाती है। आइए, इस घटना की पूरी कहानी जानते हैं।


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24 मार्च 1989 की रात, अलास्का के प्रिंस विलियम साउंड क्षेत्र में 'एक्सॉन वाल्डीज' नामक एक बड़ा तेल टैंकर, जो Exxon Corporation का था, पोर्ट वाल्डीज से रवाना हुआ। इस जहाज में लगभग 53 मिलियन गैलन कच्चा तेल भरा हुआ था। लेकिन रात के लगभग 12:04 बजे, यह जहाज ब्लाइ रीफ नामक चट्टान से टकरा गया।


11 मिलियन गैलन तेल का रिसाव
टक्कर इतनी भयंकर थी कि जहाज के निचले हिस्से में छेद हो गया और कुछ ही घंटों में लगभग 11 मिलियन गैलन तेल समुद्र में फैल गया। काला चिपचिपा तेल लहरों के साथ दूर-दूर तक फैल गया और कुछ ही दिनों में 1300 किलोमीटर के दायरे में समुद्र का पानी जहरीला हो गया।


काले सागर में बदल गया पानी
तेल फैलने से लाखों मछलियाँ, समुद्री पक्षी, सील और व्हेल जैसी बड़ी प्रजातियाँ मारी गईं। ठंडे पानी में तेल जम जाने के कारण इन जीवों के लिए सांस लेना, तैरना और भोजन प्राप्त करना लगभग असंभव हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 2,50,000 समुद्री पक्षी, 2,800 सील, 250 बाल्ड ईगल और 22 ऑर्का व्हेल मारे गए।


प्रिंस विलियम साउंड, जो अपनी सुंदरता और स्वच्छता के लिए जाना जाता था, अब एक काले सागर में बदल गया था। वहाँ के मछुआरे, जो समुद्र पर निर्भर थे, एक झटके में बेरोजगार हो गए। इस घटना ने क्षेत्र के पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को गंभीर नुकसान पहुँचाया।


जहाज के कप्तान की गलती
दुर्घटना के बाद जांच शुरू हुई। पता चला कि जहाज के कप्तान जोसेफ हेजलवुड ने शराब पी रखी थी और उसने जहाज की दिशा को सही तरीके से नहीं संभाला। इसके अलावा, Exxon कंपनी पर यह आरोप भी लगा कि उसने जहाज पर पर्याप्त स्टाफ नहीं रखा और सुरक्षा नियमों की अनदेखी की। कई वर्षों तक अदालतों में मुकदमे चले। कंपनी को भारी जुर्माना भरना पड़ा और पर्यावरण सुधार कार्यों में भाग लेना पड़ा।


2 बिलियन डॉलर सफाई पर खर्च
तेल की सफाई का कार्य शुरू हुआ, लेकिन यह आसान नहीं था। हजारों लोग, नावें और मशीनें दिन-रात जुटी रहीं। Exxon ने लगभग 2 बिलियन डॉलर सफाई पर खर्च किए, लेकिन पर्यावरण वैज्ञानिकों का कहना है कि समुद्र की मूल स्थिति लौटने में कई दशक लगेंगे। कुछ क्षेत्रों में आज भी मिट्टी और रेत के नीचे तेल के अंश पाए जाते हैं। इस घटना के बाद अमेरिका ने अपने समुद्री कानूनों में बदलाव किए और Oil Pollution Act 1990 पारित किया, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोकी जा सकें।