क्राइम थ्रिलर के शौकीनों के लिए खास है साउथ की यह सीरीज, 10 एपिसोड्स में दिखेगा सस्पेंस का रोमांच

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South Crime Thriller Series: ओटीटी पर आज के दौर में अलगअलग कॉन्टेंट की भरमार है। दर्शकों को जिस तरह की फिल्म और वेब सीरीज चाहिए, उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वह सब मिलेगा। वहीं, जी5 पर तो डिफरेंट जॉनर के कॉन्टेंट खूब सारे उपलब्ध हैं। अगर आप क्राइम और थ्रिलर देखने के शौकीन हैं, तो चलिए हम आपको एक ऐसी सीरीज के बारे में बताते हैं, जिसके हर एपिसोड में लोगों को सस्पेंस देखने को मिलेगा।

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क्राइम थ्रिलर के शौकीनों के लिए खास है साउथ की यह सीरीज, 10 एपिसोड्स में दिखेगा सस्पेंस का रोमांच

जिस क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज की हम बात कर रहे हैं, उसका नाम है ‘ऑटो शंकर’ और यह सच्ची घटना से प्रेरित है। यह सीरीज 80 के दशक में मद्रास को आतंकित करने वाले एक गैंगस्टर की घिनौनी कहानी दिखाती है। इस सीरीज को आईएमडीबी पर भी अच्छी रेटिंग मिली हुई है। चलिए अब आपको इसकी कहानी के बारे में बताते हैं।

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क्या है ऑटो शंकर की कहानी?

सीरीज ‘ऑटो शंकर’ को रंगा ने डायरेक्ट किया है। इसमें अप्पानी सारथ लीड रोल में नजर आए हैं। उनके अलावा सरन्या रवि, अर्जुन चिदम्बरम कथिरावण, देव बाबू और वसुधा भी सीरीज का हिस्सा हैं। इसकी कहानी की बात करें, तो यह ऐसे शुरू होती है कि एक ऑटो चालक जो अपनी पत्नी सुमति और बच्चे के साथ गरीबी में रहता था।

‘शंकर’ एक पुलिसकर्मी कथिरावन के लिए एक गुंडा बन जाता है, जो अपने फायदे के लिए हिंसक रूप ले लेता है। शंकर अवैध शराब और फिर वेश्यालय के कारोबार में घुस जाता है और दरिंदा बन जाता है।

बता दें कि सीरीज के पीछे की सच्ची कहानी गोवरी शंकर की है, जो चेन्नई का एक ऑटो ड्राइवर था। वो 1980 के दशक में क्राइम की दुनिया में घुस गया और उसने वेश्यावृत्ति का रैकेट चलाया, कई मर्डर किए। फिर 1985 से 1995 तक शहर में दहशत फैलाई, 6 लोगों की हत्या की। पुलिस ने 1988 में गिरफ्तार किया। इसके बाद कोर्ट ने मौत की सजा दी और 1995 में उसे फांसी हो गई।

वेब सीरीज ‘ऑटो शंकर’ को तमिल, कन्नड़, हिंदी, तेलुगू, मलयालम भाषा में देखा जा सकता है। 10 एपिसोड वाली ये सीरीज जी5 पर मौजूद है। हर एपिसोड 28 से 34 मिनट के बीच में है। आईएमडीबी पर इसे 6.5 की रेटिंग मिली हुई है।

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