इनˈ तरीकों से आपके घर पैदा हो सकते हैं जुड़वा बच्चे,जाने कैसे बढ़ाएं अपनी फर्टिलिटी
इस बात में कोई शक नहीं कि जुड़वा बच्चे देखने में बड़े ही प्यारे लगते हैं। ऊनके घर आने से खुशियां डबल हो जाती है। ऐसे में कई लोग जुड़वा बच्चे चाहते हैं। हालांकि जुड़वा बच्चे का होना कई बातों पर निर्भर करता है जैसे फैमिली हिस्ट्री, फर्टिलिटी ट्रीटमेंट और महिला का शरीर इत्यादि। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स बताने जा रहे हैं जिससे आपको जुड़वा बच्चे होने की संभावना भी बढ़ जाएगी।
जुड़वा बच्चे असल में दो प्रकार से कंसीव होते हैं – आइडेंटिकल और फ्रेटरनल। आइडेंटिकल ट्विन तब पैदा होते हैं जब एक फर्टिलाइज एग टूटकर दो भ्रूण में विभाजित हो जाता है। वहीं यदि दो स्पर्म से दो एग फर्टिलाइज जाएं तो उसे फ्रेटरनल एग कहा जाता है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। आइडेंटिकल ट्विंस कंसीव करना एक प्राकृतिक प्रक्रिया होती है। हालांकि आप कुछ चीजें ट्राय कर फ्रेटरनल तरीके से जुड़वा बच्चे पैदा कर सकते हैं।
सेक्स पोजीशन:
जड़ी बूटियां: कुछ जड़ी बूटियां भी ऐसी होती है जो आपको जुड़वा बच्चे होने की संभावना को बढ़ा देती है। जैसे ‘माका रूट’ महिलाओं की फर्टिलिटी बढ़ाती है तो वहीं ‘ईवनिंग प्रिमरोज ऑयल’ महिलाओं की प्रजनन से जुड़ी समस्याओं को दूर करता है। इन जड़ी बूटियों से प्रजनन ऊतकों में रक्त प्रवाह, ओवरी के कार्य करने की क्षमता में सुधार होता है। यह चीज जुड़वा बच्चों के लिए फर्टिलिटी और ओवुलेशन काे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होती है।
सप्लीमेंट्स:
फोलिक एसिड युक्त सप्लीमेंट और मल्टीविटामिन का सेवन करने से भी जुड़वा बच्चे होने की संभावना को बढ़ाया जा सकता है। दरअसल गर्भावस्था में शिशु के सही विकास और मां की सेहत के लिए फोलिक एसिड और कई तरह के विटामिन अतिआवश्यक होते हैं।डायट: डेयरी प्रोडक्ट्स, सोया और मछली जैसी चीजों का सेवन कर जुड़वा बच्चे कंसीव करना आसान हो जाता है। इसकी वजह ये है कि जुड़वा बच्चों को कंसीव करने में पर्याप्त पोषण और न्यूट्रिशियन बहुत जरूरी चीज होती है। हालांकि सिर्फ खाने पीने में बदलाव करने से जुड़वा बच्चों की गारंटी भी नहीं रहती है।
वजन और लंबाई: