रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस मामले में सीबीआई ने दाखिल की पहली चार्जशीट, दो रिलायंस कंपनियों समेत सात आरोपी नामजद
New Delhi, 7 जुलाई . केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने Tuesday को रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) से जुड़े बहुचर्चित बैंक धोखाधड़ी मामले में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी. जांच एजेंसी ने दो रिलायंस समूह की कंपनियों सहित कुल सात आरोपियों को नामजद किया है. इन पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 4,097 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने का आरोप है.
सीबीआई ने यह चार्जशीट विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल की है. आरोपियों में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और आरसीएफएल के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. इनमें तत्कालीन निदेशक एवं सीईओ देवांग प्रवीण मोदी, निदेशक रविंद्र सोमयाजुला राव, धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी, एग्जीक्यूटिव रिस्क ऑफिसर राजेश कृष्णमूर्ति तथा चीफ रिस्क ऑफिसर लव चतुर्वेदी के नाम शामिल हैं.
सीबीआई ने इन सभी पर आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी करने और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं.सीबीआई की जांच में सामने आया है कि रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड द्वारा बैंकों से लिए गए ऋण की राशि को निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करते हुए विभिन्न मध्यस्थ और शेल कंपनियों के माध्यम से रिलायंस एडीए समूह की अन्य कंपनियों में स्थानांतरित किया गया.
जांच एजेंसी के अनुसार, इस प्रक्रिया से ऋण देने वाले बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ, जबकि आरोपियों और उनसे जुड़ी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचा.
सीबीआई ने यह मामला बैंक ऑफ Maharashtra और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शिकायतों के आधार पर दर्ज किया था. जांच एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे मामले में बैंकिंग कंसोर्टियम के 13 सरकारी बैंकों को कुल 4,097 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.
सीबीआई ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य निदेशकों, कंपनियों तथा सार्वजनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. एजेंसी ने संकेत दिया है कि आगे चलकर इस मामले में पूरक आरोप-पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) भी दाखिल की जाएंगी.